नाथनगर आंचल थाने के भवन का स्थिति काफी जर्जर, हल्की बारिश में छत से टपकती हैं पानी।

Patna Desk

 

भागलपुर जिले के नाथनगर थाना परिसर में अपनी फरियाद लेकर आए लोग कागज बिखरे देख अचंभित थे.लोगों को लग रहा था कि ये कोई आम सरकारी कागज नहीं बल्कि लोगों के गुनाह-बेगुनाही से जुड़े अहम दस्तावेज है.ये वो कागज है जिसके भरोसे पीड़ितों को उचित न्याय मिल सकती है और कोई बेगुनाह साबित हो सकता है। इसका मुख्य कारण नाथनगर अंचल थाने के भवन का अति जर्जर होना है.भवन इस कदर जर्जर हो गए है कि दीवारों में लगी खिड़कियां लटक रही है और तो और दीवारों में पेड़ उग आए है, जिनके कंधों पर सुरक्षा की जिम्मेदारी है वह इस कदर जर्जर थाना भवन में रहने को विवश है।हल्की बारिश मे भी हजरत से सिरिस्ता,कंप्यूटर कक्ष, बैरक व अन्य कमरा सराबोर हो जाता है.भवन का छत फट कर गिर रहे है.क ई जगह छत की सरिया निकल आयी है.हाल मे हुई लगातार बारिश के कारण नाथनगर थाने मे रखा कई रिकॉर्ड पूरी तरह भींग गया.जब धुप उगी तो पुलिसकर्मियों ने सारे कागजात को थाना परिसर मे निकाल कर सुखाने के लिए बिखेरा.हालांकि पुलिसकर्मी बिखरे कागज की निगरानी कर रहे थे. आखिरकार ऐसे मे सवाल यह उठता है कि अगर दस्तावेज ही नष्ट हो जाएगा तो पीडित को न्याय किसके भरोसे मिलेगा.नाथनगर थाना का इस कदर जर्जर हो चुका है की कब गिर जिए इसका कोई ठिकाना नहीं है।

पुलिस कर्मियों ने बताया कि हल्की बारिश होने पर भी रात जाग कर काटनी पड़ती है।आपको बता दें की पिछले पांच सालों मे तत्कालीन डीआईजी ,एस एसपी सहित कई आइपीएस व बीपीएस पदाधिकारी ने थाना पहुंच कर हालात से रूबरू हुए आए.लेकिन अबतक कोई ठोस पहल नही की गई जिस कारण से काफी परेशानी में रहना पड़ता है। हाल के दिनों में भागलपुर के सिटी डीएसपी अजय कुमार चौधरी और पुलिस लाइन डीसीपी संजीव कुमार ने भी संयुक्त रूप से थाने का निरीक्षण किया था और लघु मरम्मती योजना से कार्य होने की बात कही थी लेकिन अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया।

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