NEWSPR डेस्क। पटना में जानकी नवमी पर मंगलवार को गर्दनीबाग ठाकुरबाड़ी में बड़े धूम धाम से जानकी प्रकटोत्सव मनाया गया। इस मौके पर गर्दनीबाग ठाकुरबाड़ी प्रबंध न्यास समिति के अध्यक्ष प्रो. रणबीर नंदन ने मां सीता एवं राम दरबार का पूजन आरती विधि विधान से किया। इस मौके पर प्रो. नंदन ने कहा कि सीता नवमी का महत्व के बारे में बताया कि भगवान राम को विष्णु का अवतार माना गया है और माता सीता को लक्ष्मी का।
सीता नवमी के दिन वे घरा पर अवतरित हुई थीं। इस दिन माता सीता की पूजा श्रीराम के साथ करने पर श्रीहरि और मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है। मान्यताओं के अनुसार, सीता माता की पूजा करने से व्यक्ति के जीवन में कभी किसी चीज की कमी नहीं रहती है और जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं। इस दिन विधि-विधान से माता सीता व राम की पूजा करने से 16 महान दानों का फल, पृथ्वी दान का फल और समस्त तीर्थों के दर्शन का फल मिलता है।
इस मौके पर अयोध्या चित्रगुप्त धाम से पधारे महर्षि श्री दास महाराज ने कहा कि मां लक्ष्मी की साक्षात अवतार हैं माता जानकी। इस दिन लक्ष्मी की पूजा होनी चाहिए, कमलगट्टे का पुष्प विग्रह पर चढ़ाना चाहिए। उन्होंने कहा कि माँ जानकी के पूजन से अर्थ, धन, काम व मोक्ष चारों की प्राप्ति होती हैं। उन्होंने कहा कि जब त्रेता युग में सत्य का एक अंश कम हो गया जो लोग पुण्यात्मा नहीं थे वे भी अपने को पुण्यात्मा कहने लगे तब ब्रह्मा जी तुरिया अवस्था में चले गए। उसी समय भगवान चित्रगुप्त लोगों के चित में वास कर उनका लेखा जोखा रखने लगे। उन्होंने बताया कि भगवान राम जब लंका विजय कर लौटे तब सबसे पहले भगवान चित्रगुप्त की पूजा की उसी समय से अयोध्या में स्वर्गद्वार के पास तुलसी उद्यान में भगवान चित्रगुप्त का मंदिर स्थापित है ।