NEWSPR डेस्क। पटना में गुरुवार को भाजपा के कला संस्कृति प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक वरूण कुमार सिंह कोतवाली थाना में काली फिल्म निर्माता लीना मणि मेकलाई और tmc सांसद महुआ मोइत्रा पर शिकायत दर्ज कराने पहुंचे थे। जहां से उनको लौटा दिया गया है। उनपर हिंदू देवी देवताओं के अपमान और आस्था को ठेस पहुंचाने को लेकर मामला दर्ज कराने की कोशिश की जा रही। जहां थानेदार ने कहा कि मामला यहां का नहीं है, इसलिए FIR दर्ज नहीं कर सकते। ज्यादा दिक्कत है तो कोर्ट जाइए। जिसके बाद BJP नेता कोतवाली DSP से भी मुलाकात करने पहुंचे।
tmc सांसद महुआ मोइत्रा पर विवाद के समर्थन और भड़काने को लेकर लोगों में काफी आक्रोश है। उनका मानना है कि इससे करोड़ों हिंदू धर्म के लोगों को गहरा अघात पहुंचा है। वहीं भाजपा के कला संस्कृति प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक वरूण कुमार सिंह ने नामजद मामला दर्ज करते हुए सुसंगत धाराओं में कानूनी कारवाई करने का मांग की है।
बता दें कि दो दिन पहले ही पटना में फिल्म निर्माता लीना मणिमेकलाई के विवादित फोटो पोस्ट पर पटना सिविल कोर्ट में परिवाद दायर किया गया है। Cjm पटना सिविल कोर्ट में कृष्ण कुमार कल्लू ने परिवाद दायर किया है। निर्माता पर करोड़ों लोगों के भावनाओं को आहत और देश मे उन्माद फैलाने की कोशिश का आरोप लगाया गया है। वहीं भारत सरकार और गृह मंत्री से पतिवादी ने मांग किया है। उन्होंने लुक आउट नोटिस जारी कर कार्रवाई की मांग की है। वहीं कार्रवाई नहीं होने पर परिवादी कृष्ण कुमार कल्लू अनशन केरेंगे।
देश के विभिन्न हिस्सों में फिल्म ‘काली’ के विवादास्पद पोस्टर को लेकर भारी हंगामा हो रहा। वहीं मंगलवार को ही पटना के वकीलों– सुनील कुमार सिंह, गौरी शंकर सिंह, कौशल कुमार आदि ने मंगलवार को उक्त फिल्म की निर्देशक लीना मणिमेकलई और अन्य के खिलाफ बिहार की राजधानी पटना की एक अदालत में एक संयुक्त शिकायत दर्ज कराई और उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। फिल्म ‘काली’ के एक पोस्टर से विवाद शुरू हुआ है। पोस्टर में पोशाक पहने एक महिला को दिखाया गया है, जो काली मां के स्वरूप में है। पोस्टर में काली मां को धूम्रपान करते दिखाया गया है। उसके बैकग्राउंड में एक झंडा दिखाया गया है जो एक समलैंगिक समुदाय का बताया जा रहा है। पोस्टर के आते ही बवाल शुरू हो गया। ट्विटर पर हैशटैग ‘अरेस्ट लीना मणिमेकलाई’ ट्रेंड कर रहा है। सोशल मीडिया पर विरोध दर्ज करा रहे लोगों का कहना है कि यह तो हिंदू देवी है, इसलिए कोई कार्रवाई नहीं की जा रही