NEWSPR DESK- दक्षिण बिहार ग्रामीण बैंक क्षेत्रीय कार्यालय भभुआ अंतर्गत जिला कैमूर के देवहालिया शाखा अंतर्गत केसीसी ऋण के हठी बकायेदारों के घर पर रामगढ़ थाना एवं बैंक के शाखा प्रबंधक विष्णु देव कुमार बैंक के नीलाम पत्र अधिकारी नरेंद्र कुमार एवं वसूली अधिकारी सुरेंद्र कुमार द्वारा संयुक्त रूप से रामगढ़ प्रखंड के ग्राम जमुरना, नरहन, संगापुर, मसाढ़ी आदि विभिन्न गांवों में वसूली अभियान चलाया गया एवं हठी बकायेदारों पर पुलिस बल एवं बैंक अधिकारियों द्वारा बकाया ऋण चुकाने हेतु दबिश बनाया गया।
बताते चले कि दुर्गावती शाखा से 78 ऋणियों पर बैंक द्वारा जिला नीलाम पत्र कार्यालय के तत्वावधान में सर्टिफिकेट केस दायर किया गया है जिसमे 48 हठी केसीसी ऋणियों पर बॉडी वारंट जारी हो चुका है। lजिनमें मसाधी गांव के कृपा शंकर तिवारी पिता स्व यदुनाथ तिवारी, ग्राम जमुराना के सचिदानंद सिंह पिता स्व बिरेंद्र सिंह, ग्राम संगापुर के सुदेश्वर सिंह पिता स्व विश्वनाथ सिंह, रमाकांत सिंह पिता राधे श्याम सिंह आदि लोगों के घर पर पुलिस द्वारा छापामारी अभियान चलाया गया एवं ऋणियों द्वारा लोक अदालत में समझौता कराने की शर्त पर उन्हें दिनांक 12 नवंबर 2022 तक मौका दिया गया है यदि वे समझौता नहीं कराते हैं तो उनकी गिरफ्तारी एवं संपती की कुर्की जब्ती कर ब्याज समेत बकाया ऋण की वसूली की जाएगी।
क्षेत्रीय अधिकारी विकास कुमार भगत द्वारा बताया गया कि बकाया केसीसी ऋण धारकों को बारम्बार बैंक नोटिस देने के उपरान्त भी ऋण अदायगी हेतु उदासीन रवैया अपनाया जाता रहा है एवं बैंक नियमानुसार समझौता के लिए भी इनकार किया गया है अंततः बैंक को मजबूरन इन सभी हठी बकायेदारों के खिलाफ सर्टिफिकेट केस किया गया है एवं नीलाम पत्र कार्यालय से गिरफ्तारी वारंट जारी करवाते हुए इनकी गिरफ्तारी जल्द ही की जाएगी। आगे बताया गया की बैंक से ऋण लेकर चुकता नहीं करने वाले कैमूर जिला के विभिन्न प्रखंडों के 500 से अधिक केसीसी ऋण बकायेदारों के खिलाफ दक्षिण बिहार ग्रामीण बैंक एवं जिला प्रशासन द्वारा कानूनी कारवाई के लिए तैयारी की जा चुकी है| आगे उन्होंने सभी ऋण बकायेदारो को संदेश देते हुए बताया कि जो बकायेदार प्रशासन की कठोर कानुनी कारवाई से बचना चाहते हैं वे आगामी 12 नवंबर को व्यवहार न्यायालय भभुआ में आयोजित लोक अदालत में आकार बैंक नियमानुसार ओटीएस के तहत समझौता कराकर ऋण से मुक्ति पाकर समाज में एक सम्मानित जीवन जियें|