कहते है न कि मां की महिमा अपरंपार है और उनकी भक्ति की शक्ति अगर किसी को मिल जाय तो उससे बड़ा बलशाली व भाग्यशाली कोई नही है ।आज हम मां के एक ऐसे सच्चे भक्त की बात करने जा रहे है जिसकी भक्ति की शक्ति की महिमा सुन आप आश्चर्यचकित तो होंगे ही साथ मे मां की महिमा से भी आप रु ब रु हो जायेगे । जी हां मोतिहारी के कोटवा थाना क्षेत्र के जगिराहा पंचायत के मां सोना देवी सुंदर देवी के मंदिर में अयोध्या से आए एक संत ने भक्ति की शक्ति की ऐसी अनूठी मिसाल पेश की है जिसे सुन आप दंग रह जाएंगे । इससे पहले की हम आपको पूरी कहानी से रु ब रु करवाएं उससे पहले आप इन तस्वीरों को देख लीजिए आपको सबकुछ समझ मे आ जायेगा।
श्रीराम की नगरी अयोध्या से आये संत बाबा कृष्णा दास ,,बचपन से ही मां की भक्ति की इन्हें ऐसी शक्ति मिली कि ये पिछले चौदह साल से मिट्टी की समाधि लेकर अपने सीने पर नौ कलश स्थापना करते आ रहे है और मां की महिमा देखिये ये नवरात्रा के एक सप्ताह पहले से अन्न जल त्याग कर देते है और पूरे नौ दिन बिना अन्न जल के अपने सीने पर कलश रखकर मां की आराधना करते है ।माँ की भक्ति में लीन इस संत के दर्शन व पूजन के लिए भक्तों की भारी भीड़ लग रही है और लोग इस सुदूर गाँव मे आकर मां सोना देवी सुंदर देवी के दरबार मे आकर इनका दर्शन पूजन कर रहे है और आशीर्वाद ले रहे है । तस्वीरे देखिये कैसे एक संत अयोध्या से आकर इस सुदूर गाँव मे मां की भक्ति कर रहा है और बिश्व कल्याण के लिए मां की आराधना कर रहा है । ये मां की कृपा ही है जो इस संत की इतनी शक्ति मिली है कि वो बिना अन्न जल के पंद्रह दिन से अधिक समय तक समाधि में रहता है और भक्तों को अपना आशीर्वाद देता है।वही बाबा के इस अलौकिक रूप को देखने के लिए यहां दूर दराज से लोग आ रहे है और इनका आशीर्वाद प्राप्त कर रहे है ।
जी हां जैसा कि आपने सुना व देखा कि यहां के लोग बाबा के आगमन से काफी खुश है और इनके यहां आने को मां की कृपा मानते है और बाबा के इस अलौकिक रूप से सभी के सभी अपने आप को धन्य मान रहे है और इसे अपने गाँव ,समाज व इलाके के लिए एक शुभ संकेत मान रहे है और इनलोगो को पूर्ण विश्वास है कि ये मां की कृपा ही है जिसके कारण आज इनका गाँव धन्य हो गया है ।