NEWS PR डेस्क : बिहार विधानमंडल के बजट सत्र का 18वां दिन आज काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सदन की कार्यवाही के दौरान अल्पसूचित और तारांकित प्रश्नों पर चर्चा होगी। इसके साथ ही भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट भी सदन के पटल पर रखी जाएगी।
इसके अलावा सरकार कई अहम संशोधन विधेयक भी पेश करेगी, जिन पर चर्चा और पारित कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। आज का दिन सवाल-जवाब, रिपोर्ट प्रस्तुति और विधायी कार्यों के लिहाज से खास रहने वाला है।
बिहार विधानमंडल के बजट सत्र का 18वां दिन आज कई मायनों में महत्वपूर्ण है। गुरुवार को विधानसभा की कार्यवाही के दौरान सरकार को अल्पसूचित और तारांकित प्रश्नों के जरिए विभिन्न जनहित मुद्दों पर जवाब देना होगा। इसके साथ ही अलग-अलग विभागों से जुड़ी ध्यानाकर्षण सूचनाओं पर भी संबंधित मंत्री सदन में स्पष्टीकरण देंगे।
कार्यवाही की शुरुआत अल्पसूचित और तारांकित सवालों से होगी। अल्पसूचित प्रश्न आमतौर पर तात्कालिक और गंभीर विषयों से जुड़े होते हैं, जिन पर तत्काल जवाब अपेक्षित रहता है। वहीं तारांकित प्रश्नों का मंत्री को मौखिक उत्तर देना होता है और सदस्यों को पूरक प्रश्न पूछने का अवसर मिलता है। इन प्रश्नों के माध्यम से सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों के सदस्य सरकार से जवाबदेही सुनिश्चित करने की कोशिश करेंगे।
उद्योग विभाग से जुड़े एक ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर भी चर्चा होगी, जिसे माहेश्वर हजारी, सचीन्द्र प्रसाद समेत आठ विधायकों ने उठाया है। माना जा रहा है कि यह विषय औद्योगिक विकास, निवेश, रोजगार सृजन या किसी विशेष परियोजना से संबंधित हो सकता है। ध्यानाकर्षण के जरिए विधायक किसी अहम और तात्कालिक मुद्दे पर सरकार का ध्यान आकर्षित करते हैं, जिस पर संबंधित विभाग को सदन में जवाब देना पड़ता है।
इसी तरह, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग भी एक अन्य ध्यानाकर्षण सूचना पर अपना पक्ष रखेगा। यह प्रस्ताव विधायक नीतीश मिश्रा, मंजीत कुमार सिंह और प्रमोद कुमार की ओर से दिया गया है। संभावना है कि इसमें पर्यावरण संरक्षण, वनों की कटाई, प्रदूषण नियंत्रण या जलवायु परिवर्तन जैसे विषय शामिल हों। हाल के समय में विकास और पर्यावरण संतुलन को लेकर उठ रहे सवालों के बीच यह चर्चा अहम मानी जा रही है।
वित्तीय मामलों के तहत आज भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की लेखापरीक्षा रिपोर्ट भी सदन के पटल पर रखी जाएगी। वित्त विभाग के प्रभारी मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव यह रिपोर्ट पेश करेंगे। इसमें विभिन्न विभागों के व्यय, योजनाओं के क्रियान्वयन और वित्तीय प्रबंधन की समीक्षा शामिल रहती है। रिपोर्ट पेश होने के बाद इस पर विस्तृत चर्चा की संभावना है, जिसमें विपक्ष सरकार को घेर सकता है।
विधायी कार्य के तहत कई महत्वपूर्ण संशोधन विधेयक भी पेश किए जाएंगे। इनमें बिहार सचिवालय सेवा संशोधन विधेयक 2026, बिहार सूक्ष्म वित्त संस्थाएं विधेयक 2026, बिहार निजी व्यावसायिक शैक्षणिक संस्थान विधेयक 2026, बिहार अधिवक्ता कल्याण निधि संशोधन विधेयक 2026, बिहार जन विश्वास प्रावधान संशोधन विधेयक 2026 और बिहार राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड संशोधन विधेयक 2026 शामिल हैं।
सरकार का कहना है कि इन संशोधनों के जरिए प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने, वित्तीय संस्थानों के नियमन को सख्त बनाने, निजी शिक्षण संस्थानों में पारदर्शिता बढ़ाने, अधिवक्ताओं के हितों की रक्षा करने और मदरसा शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
कुल मिलाकर आज का दिन विधायी और वित्तीय दोनों दृष्टि से अहम रहने वाला है। प्रश्नकाल, ध्यानाकर्षण और विधेयकों की प्रस्तुति के बीच सदन में सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने की पूरी संभावना है।