NEWS PR डेस्क : वैशाली की 6 वर्षीय बच्ची लक्ष्मी कुमारी का दाहिना हाथ चारा मशीन में कट जाने के बाद एम्स पटना में छह घंटे तक चली माइक्रोवास्कुलर सर्जरी के जरिए सफलतापूर्वक जोड़ा गया। इस जटिल ऑपरेशन का नेतृत्व प्लास्टिक सर्जरी विभाग की डॉ. वीणा सिंह ने किया।
वैशाली की 6 वर्षीय लक्ष्मी कुमारी का दाहिना हाथ रविवार दोपहर चारा काटने की मशीन में कट गया। परिजन तुरंत मदद के लिए अस्पतालों के पास पहुंचे और शाम 7:30 बजे बच्ची को एम्स पटना के आपातकालीन विभाग में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार तुरंत शुरू हुआ।
अस्पताल में पहुंचने के तुरंत बाद प्लास्टिक सर्जरी और एनेस्थीसिया विभाग की टीम ने स्थिति का आकलन किया और आधे घंटे के भीतर लक्ष्मी को ऑपरेशन थिएटर में ले जाया गया। रात 8 बजे शुरू हुई जटिल माइक्रोवास्कुलर सर्जरी लगभग छह घंटे तक चली। प्लास्टिक सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. वीणा सिंह के मार्गदर्शन में टीम ने सफल ऑपरेशन किया। टीम में डॉ. अंसारुल, डॉ. कुलदीप, डॉ. मैरी, डॉ. अजीना, डॉ. निकिता और डॉ. अनुप शामिल थे, जबकि एनेस्थीसिया, ऑपरेशन थिएटर और नर्सिंग स्टाफ का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।
एम्स के निदेशक ने पूरी टीम की इस उपलब्धि पर बधाई दी। सोमवार को डॉक्टरों ने बताया कि लक्ष्मी की अंगुलियों में रक्त संचार के सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं और उचित देखभाल व पुनर्वास के साथ बच्ची अगले एक-दो महीनों में हाथ की कार्यक्षमता काफी हद तक पुनः प्राप्त कर सकती है। स्थिति अनुकूल रहने पर उसे एक सप्ताह के भीतर अस्पताल से छुट्टी भी दी जा सकती है।
कटे अंग को सुरक्षित रखने की सलाह:
प्लास्टिक सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. वीणा सिंह ने कहा कि किसी भी आकस्मिक घटना में अंग कटने या अलग होने की स्थिति में निम्न सावधानियां अपनानी चाहिए:
कटे हुए अंग को साफ प्लास्टिक बैग में रखें।
प्लास्टिक बैग को बर्फ वाले दूसरे बैग में रखें, लेकिन अंग को सीधे बर्फ से न लगाएँ।
अंग को पानी या किसी अन्य तरल में डालने से बचें।
इस तरह सुरक्षित परिवहन से अंग को जोड़ने की सफलता बढ़ती है और उपचार परिणाम बेहतर होता है।