NEWS PR DESK- खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने 8.71 करोड़ आबादी को खाद्य संरक्षण से आच्छादित करने का लक्ष्य के विरूद्ध 8.35 करोड़ को लाभ पहुँचाने में सफलता पाई है। इसके लिए कुल 51185 जन वितरण प्रणाली दुकानों के माध्यम से 2024 में 4.05 लाख मेट्रिक टन खाद्यान्न वितरित किया गया।कोरोना काल शुरुआती दौर से लेकर अबतक लगभग 65.61 लाख नये राशन कार्ड निर्गत किये गये हैं। इसे लेकर खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा जानकारी दी गई
जिसमें ये बताया गया की अगस्त 2024 तक 89,39,832 राशन कार्यकारियों द्वारा “वन नेशन वन कार्ड” पोर्टेबिलिटी के माध्यम से खाद्यान्न का लाभ मिला है।यहाँ आधार कार्ड आधारित जन वितरण प्रणाली के तहत कोई लाभुक किसी भी जन वितरण प्रणाली दुकान से खाद्यान्न ले रहे हैं।ई-श्रम पोर्टल एवं अन्य राज्यों से प्राप्त प्रवासी मज़दूरों के 83,04,908 आवेदनों में 5,29,688 नया राशन कार्ड मुहैया कराया गया है।
राज्य में राशन कार्डधारियों में 90 फ़ीसदी कार्ड धारक का मुखिया महिला हैबिहार में १.७३ लाख लोग राशनकार्ड धारी हैंनब्बे लाख लोग अंतर्राज्यीय पोर्टेबिलिटी के तहत खाद्यान्न उठा रहे है।बिहार में भी अन्य राज्य से बिहार आनेवाले ६ हज़ार लोग अनाज उठाते हैं।ई-केवाईसी का काम कराया जा रहा है। बायोमेट्रिक आवेदन के तहत ६१ फ़ीसदी लोगों का बनाया गया है। बाक़ी का भी आ-केवाईसी हो रहा हैखाद्यान्न एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की सारी जानकारी ओपेन पोर्टल के माध्यम से सभी देख सकते हैं। ।दलहन और मक्का में न्यूनतम समर्थन मूल्य से ज़्यादा मार्केट रेट होने से थोड़ा परेशानी अधिप्राप्ति में मिल रहा है।उपभोक्ता के संरक्षण के लिए किसी भी शिकायत कोई भी क्षेत्र का हो तो उसका उपभोक्ता फ़ोरम में सुना जा रहा हैं।राज्य स्तर पर सत्रह हज़ार के लगभग और ज़िला स्तर पर एक लाख से ज़्यादा सुनवाई हुई है।