खुद को डीएम का बैचमेट बताने वाला फर्जी IAS धराया, जिलाधिकारी की सतर्कता से खुली पोल

Puja Srivastav

NEWS PR डेस्क : सारण (छपरा) में जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव से मिलने आए एक फर्जी IAS अधिकारी रितेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया। रितेश ने खुद को मेरठ का नगर आयुक्त और डीएम का बैचमेट बताकर अपने दावे किए थे, लेकिन जिलाधिकारी ने उनके दावों की क्रॉस-चेकिंग की तो सारा खेल बेनकाब हो गया। पुलिस अब आरोपी के पुराने कृत्यों और फर्जी पहचानों की जांच कर रही है।

सारण में जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव से मिलने आए फर्जी IAS अधिकारी रितेश कुमार को पकड़ लिया गया। आरोपी ने खुद को मेरठ का नगर आयुक्त और डीएम का बैचमेट बताकर अधिकारियों के सामने दावे किए थे, लेकिन जिलाधिकारी ने उनके दावों की जांच की तो उनकी असलियत सामने आ गई। पुलिस अब रितेश के पुराने झूठे दावों और फर्जी पहचान के मामलों की तफ्तीश कर रही है।

बिहार के छपरा में जालसाज़ी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। नगर थाना क्षेत्र के बसाढ़ी निवासी रितेश कुमार ने खुद को IAS अधिकारी बताकर सीधे सारण के जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव के कार्यालय में एंट्री ले ली। आरोपी ने सिर्फ मेरठ का नगर आयुक्त होने का ढोंग नहीं रचा, बल्कि जिलाधिकारी को अपना बैचमेट बताते हुए रौब भी जमाने की कोशिश की।

शुरुआत में आत्मविश्वास से भरे रितेश की कहानी तब तार-तार हो गई, जब डीएम ने उसके एटिट्यूड पर शक किया। गहन पूछताछ और दस्तावेजों की पड़ताल के बाद उसकी असलियत सामने आई और उसे तुरंत पुलिस के हवाले कर दिया गया।

रितेश कुमार डीएम ऑफिस में पूरी ताकत और रौब के साथ पहुंचा। उसने दावा किया कि वह मेरठ में पोस्टेड है और जिला प्रशासन से जुड़े कई कामों में उसका अहम रोल है। लेकिन जब जिलाधिकारी ने पदस्थापन और पहचान पत्र से जुड़े कड़े सवाल किए, तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। संदेह होने पर डीएम ने तुरंत तथ्य जांचे, जिसमें यह स्पष्ट हुआ कि रितेश का सरकारी रिकॉर्ड कहीं भी मौजूद नहीं है।

पकड़े जाने के बाद रितेश कुमार ने कहा कि उसने यह सब इसलिए किया क्योंकि उसके परिवार को कुछ लोग परेशान कर रहे थे और उनकी मदद के लिए उसने यह चाल चली। हालांकि, जांच में यह भी सामने आया कि इससे पहले वह खुद को अधिकारी बताकर पूर्व जिलाधिकारी से भी मिल चुका था। पुलिस को शक है कि रितेश फर्जी पहचान का इस्तेमाल करके सरकारी कार्यालयों में अधिकारियों पर दबाव बनाने और आम लोगों से मोटी रकम वसूलने की गतिविधियों में शामिल रहा है।

जिलाधिकारी के आदेश पर आरोपी रितेश कुमार के खिलाफ नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। शिकायत में बताया गया है कि रितेश (पिता: कृष्ण पंडित) के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या उसने अपनी फर्जी पहचान का इस्तेमाल करके किसी अन्य व्यक्ति या सरकारी विभाग को आर्थिक नुकसान पहुंचाया।

Share This Article