भागलपुर जिले के नाथनगर में आस्था, भक्ति और भाईचारे का अद्भुत नजारा देखने को मिला। मौका था रामलीला कमेटी की ओर से आयोजित भव्य भरत मिलाप कार्यक्रम का, जहां प्रभु श्रीराम और उनके छोटे भाई भरत के ऐतिहासिक मिलन की परंपरा को पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ निभाया गया कार्यक्रम के दौरान कलाकारों ने प्रभु श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी का प्रतीकात्मक स्वरूप धारण किया। इसके बाद इन स्वरूपों को पूरे क्षेत्र में भ्रमण कराया गया। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने दर्शन किए और जय श्रीराम के जयकारों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
इसके बाद मनोकामनानाथ चौक पर भरत मिलाप का भव्य आयोजन हुआ। इस ऐतिहासिक धार्मिक प्रसंग को देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग जुटे। जैसे ही प्रभु श्रीराम और भरत के मिलन का दृश्य प्रस्तुत किया गया, श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। हर तरफ आस्था, उत्साह और भक्ति का माहौल देखने को मिला धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भरत मिलाप भगवान श्रीराम के 14 वर्षों का वनवास पूरा कर अयोध्या लौटने और अपने छोटे भाई भरत से पुनर्मिलन की स्मृति में मनाया जाता है। यह प्रसंग केवल दो भाइयों के मिलन की कहानी नहीं, बल्कि त्याग, प्रेम, मर्यादा और पारिवारिक एकता का प्रतीक भी है।
नाथनगर में आयोजित इस कार्यक्रम ने एक बार फिर समाज को भाईचारे, आपसी प्रेम और एकता का संदेश दिया। रामलीला कमेटी की यह परंपरा धार्मिक आस्था को जीवंत रखने के साथ-साथ नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्शों से जोड़ने का भी काम करती है !
कुल मिलाकर, नाथनगर का भव्य भरत मिलाप धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और भाईचारे का ऐसा संगम बना, जहां हजारों लोग प्रभु श्रीराम के दिव्य प्रसंग के साक्षी बने। जय श्रीराम के जयकारों के बीच इस आयोजन ने प्रेम, त्याग और रिश्तों की मर्यादा का संदेश दिया।
भागलपूर से शयामानंद सिंह की रिपोर्ट ;-