पटना में 1 अप्रैल से मेगा एंटी-एन्क्रोचमेंट ड्राइव, जाम से मिलेगी राहत; डीएम के निर्देश पर एक्शन प्लान तैयार

Amit Singh

NEWS PR डेस्क: पटना, 29 मार्च। राजधानी पटना में लगातार बढ़ती अतिक्रमण और ट्रैफिक जाम की समस्या से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। 1 अप्रैल से पूरे शहर में एक व्यापक अतिक्रमण विरोधी अभियान शुरू किया जाएगा, जो 30 अप्रैल तक लगातार चलेगा।

यह अभियान जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. के निर्देश पर शुरू किया जा रहा है। इसके लिए कुल 9 विशेष टीमें गठित की गई हैं, जो अलग-अलग इलाकों में निर्धारित शेड्यूल के अनुसार कार्रवाई करेंगी।

इन इलाकों पर रहेगा खास फोकस
अभियान के तहत नूतन राजधानी, पाटलिपुत्र, कंकड़बाग, बांकीपुर, अजीमाबाद और पटना सिटी जैसे नगर निगम क्षेत्रों के अलावा खगौल, फुलवारी और दानापुर निजामत इलाकों को भी कवर किया जाएगा।

नगर निगम, ट्रैफिक पुलिस, परिवहन, राजस्व, सड़क निर्माण, स्वास्थ्य, अग्निशमन और बिजली विभाग—सभी मिलकर संयुक्त रूप से इस अभियान को अंजाम देंगे।

GPO गोलंबर बना बड़ी चिंता
शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में से एक GPO गोलंबर के आसपास की स्थिति प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। यहां अवैध ऑटो और ई-रिक्शा स्टैंड के कारण पूरे दिन जाम की स्थिति बनी रहती है।

बताया जा रहा है कि इस क्षेत्र में करीब 5 अनधिकृत ऑटो स्टैंड सक्रिय हैं, जहां चालक निर्धारित मल्टी-मॉडल हब की बजाय सड़कों पर ही यात्रियों को चढ़ाते-उतारते हैं। इससे न सिर्फ ट्रैफिक प्रभावित होता है, बल्कि आम लोगों को भी भारी परेशानी झेलनी पड़ती है।

पार्किंग सिस्टम भी नहीं कर पा रहा काम
पटना जंक्शन के पास बनाए गए मल्टी-मॉडल हब और मई 2025 में लागू नई पार्किंग व्यवस्था के बावजूद स्थिति में खास सुधार नहीं आया है। नियमों के बावजूद कई वाहन चालक सड़कों पर ही वाहन खड़ा कर रहे हैं, जिससे सड़कों की चौड़ाई घट रही है और जाम की समस्या और बढ़ रही है।

कड़ाई से होगा अनुपालन
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि इस बार अभियान केवल औपचारिकता नहीं होगा, बल्कि सख्ती से नियम लागू किए जाएंगे। शहरी प्रबंधन इकाई को मासिक कैलेंडर जारी करने और निरंतर निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है।

उम्मीद: शहर को मिलेगी राहत
अधिकारियों का मानना है कि इस अभियान के जरिए अतिक्रमण हटाने के साथ-साथ ट्रैफिक व्यवस्था को भी बेहतर बनाया जा सकेगा। खासकर भीड़भाड़ वाले इलाकों में यातायात सुचारु होने की उम्मीद जताई जा रही है।

अगर यह अभियान सफल रहा, तो पटना की सड़कों पर लंबे समय से चली आ रही अव्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

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