NEWS PR डेस्क: महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए जीविका दरभंगा ने गुरुवार को डीएमसीएच परिसर स्थित ‘जीविका दीदी की रसोई’ में बिहार राज्य जीविका निधि साख सहकारी संघ लिमिटेड की ऋण नीति पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के सभी 18 प्रखंडों से आए प्रखंड एवं जिला स्तरीय कुल 207 जीविका परियोजना कर्मियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का उद्घाटन जिला परियोजना प्रबंधक डॉ. ऋचा गार्गी, शान्तनु ठाकुर, ब्रजकिशोर गुप्ता, राजा सागर, रिसोर्स पर्सन पन्नालाल एवं राजेश जी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उद्घाटन सत्र में वक्ताओं ने जीविका निधि की उपयोगिता, इसकी पारदर्शी प्रणाली और महिलाओं की आय वृद्धि में इसकी भूमिका पर प्रकाश डाला।
जिला परियोजना प्रबंधक डॉ. ऋचा गार्गी ने कहा कि जीविका निधि के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को समय पर और कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। इससे वे छोटे व्यवसाय, कृषि आधारित गतिविधियों, पशुपालन, सिलाई, दुकान संचालन, उत्पादन इकाइयों और सेवा क्षेत्र में अपनी भागीदारी बढ़ा सकेंगी। उन्होंने कहा कि यह योजना न केवल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाएगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति देगी।
ऋण नीति की विस्तृत जानकारी देते हुए ब्रजकिशोर गुप्ता ने बताया कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य ऋण प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और सुलभ बनाना है। प्रतिभागियों को जीविका निधि की संरचना, सदस्यता प्रक्रिया, ऋण स्वीकृति प्रणाली, पात्रता मानदंड, भुगतान व्यवस्था और निगरानी प्रणाली की जानकारी दी गई। साथ ही ‘जीविका निधि मोबाइल एप’ के माध्यम से ऋण आवेदन, स्वीकृति, वितरण और वसूली की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर संचालित करने की जानकारी दी गई। प्रशिक्षकों ने लाइव डेमो के जरिए एप के उपयोग की प्रक्रिया भी समझाई।
संचार प्रबंधक राजा सागर ने इसे माइक्रो फाइनेंस संस्थाओं से मुक्ति की दिशा में सशक्त कदम बताया। उन्होंने कहा कि कई महिलाएं ऊंची ब्याज दर पर ऋण लेने को मजबूर हो जाती हैं, जिससे वे ऋण चक्र में फंस जाती हैं। जीविका निधि सुरक्षित और पारदर्शी प्रणाली के तहत 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराकर इस समस्या का समाधान प्रस्तुत कर रही है।
सूक्ष्म वित्त प्रबंधक सुबीर झा ने प्रशिक्षण के दौरान ऋण की विभिन्न श्रेणियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अल्पकालिक ऋण ₹15,000 तक (12 माह), सूक्ष्म ऋण ₹15,000 से ₹75,000 तक (24 माह) और लघु ऋण ₹75,000 से ₹2 लाख तक (36 माह) की अवधि के लिए उपलब्ध होंगे। 18 से 65 वर्ष आयु वर्ग के सक्रिय समूह सदस्यों को लोकओएस सत्यापन के बाद ऋण दिया जाएगा, जबकि एनपीए खाते वाले सदस्य और सरकारी कर्मचारी इस योजना के अंतर्गत पात्र नहीं होंगे। विशेष परिस्थितियों या प्राकृतिक आपदा की स्थिति में ऋण पुनर्गठन की सुविधा भी दी जाएगी।
रिसोर्स पर्सन पन्नालाल और राजेश ने जीविका निधि के संचालन, जोखिम प्रबंधन और पारदर्शिता प्रणाली पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया तथा कर्मियों से क्षेत्र स्तर पर महिलाओं को सही जानकारी देने का आह्वान किया। कार्यक्रम में जिला स्तर के सभी प्रबंधक, बीपीएम, क्षेत्रीय समन्वयक, सामुदायिक समन्वयक, लेखपाल और अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।