बिहार में आरोपी की ‘रील’ बनी मुसीबत: पेशी के दौरान वीडियो वायरल, तीन पुलिसकर्मी निलंबित

Neha Nanhe

NEWS PR डेस्क : धेपुरा में गिरफ्तार आरोपी अंकज कुमार उर्फ लल्लू यादव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में वह हथकड़ी लगे होने के बावजूद निजी वाहन से सफर करता और होटल में बैठकर खाना खाता नजर आ रहा है। इतना ही नहीं, वह खुद वीडियो बनवाते हुए रील तैयार कराता भी दिखाई दे रहा है।

जिले में कानून-व्यवस्था को लेकर पहले से उठ रही चिंताओं के बीच एक नया मामला सामने आया है, जिसने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शंकरपुर थाना कांड संख्या 240/25 में मारपीट के आरोपित और शंकरपुर प्रखंड के मधेली वार्ड 13 निवासी अंकज कुमार उर्फ लल्लू यादव की गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो चर्चा का विषय बन गया है।

इस प्रकरण में पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह ने कड़ा रुख अपनाते हुए तीन पुलिसकर्मियों को तत्काल निलंबित कर दिया है। साथ ही संबंधित कर्मियों से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण देने को कहा गया है और विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

जानकारी के अनुसार, शनिवार को शंकरपुर पुलिस ने आरोपी को उसके गांव मधेली से गिरफ्तार किया था। थाने में आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद उसे उसी दिन जेल भेज दिया गया। हालांकि थाना से अदालत तक ले जाने के दौरान के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए, जिनमें आरोपी हथकड़ी पहने खुद रील बनवाते हुए नजर आ रहा है। इन वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में देखा जा रहा है कि अभियुक्त अंकज कुमार उर्फ लल्लू यादव को हथकड़ी पहने हुए पुलिस वाहन की बजाय निजी वाहन में बैठाया गया और रास्ते में एक रेस्टोरेंट में पुलिस के साथ बैठकर भोजन करता दिखा। वीडियो में वह खुद हथकड़ी लिए रील बनवाते भी नजर आ रहा है और कई गानों पर रील अपलोड कर दबंग छवि पेश की गई। जानकारी के अनुसार, अंकज कुमार पर मधेपुरा के शंकरपुर थाना और सुपौल जिले के विभिन्न थानों में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह 2020 में मधेली निवासी चर्चित शिक्षक राम बाबू हत्याकांड का नामजद अभियुक्त भी रह चुका है। हत्या, लूट और अन्य गंभीर मामलों में उसका नाम अक्सर सामने आता रहा है। जिले में पुलिस द्वारा अपराधियों को वीआइपी ट्रीटमेंट देने की चर्चाएं भी लंबे समय से हैं।

मामले की जांच के बाद पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह ने स्पष्ट किया कि 2 मार्च को पुलिस कर्मियों द्वारा एक व्यक्ति को हथकड़ी रस्सा लगाए हुए उजले रंग के वाहन से ले जाते हुए और होटल में बैठकर खाना खाते हुए वीडियो वायरल हुआ। वायरल वीडियो की जांच सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी प्रवेंद्र भारती द्वारा कराई गई।

जांच में वीडियो में दिख रहे तीन पुलिस कर्मियों की पहचान शंकरपुर थाना के रूप में हुई, जिनमें सनि राम उदय कुमार, चौकीदार अनील कुमार और मो. रसूल शामिल हैं। ये सभी 28 फरवरी को कांड संख्या 240/25 के अभियुक्त को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने के दौरान आरोपी को निजी वाहन से मधेपुरा लेकर गए और होटल में उसके साथ भोजन किया।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस प्रकार का अमर्यादित व्यवहार पुलिस की छवि को धूमिल करता है और किसी भी दृष्टि से स्वीकार्य नहीं है। इसी कारण तीनों पुलिस कर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और विभागीय कार्यवाही के तहत 24 घंटे में स्पष्टीकरण मांगा गया है।

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