NEWS PR डेस्क: 2023 बैच के दो युवा IAS अधिकारियों की शादी इन दिनों सुर्खियों में है। वजह सिर्फ उनका प्रशासनिक पद नहीं, बल्कि विवाह का उनका सादगी भरा तरीका भी है। दोनों ने पहले कोर्ट मैरिज कर कानूनी रूप से विवाह पंजीकृत कराया और बाद में पारंपरिक रीति-रिवाजों से फेरे लेने का निर्णय लिया है।
राजस्थान के अलवर में एसडीएम पद पर तैनात माधव भारद्वाज और गुजरात के जामनगर में एसडीएम अदिति वासने ने अलवर के मिनी सचिवालय में जिला कलेक्टर अर्पिता शुक्ला की मौजूदगी में विवाह पंजीकरण कराया। समारोह बेहद सादा रहा। इसमें दोनों के माता-पिता, भाई-बहन और कुछ प्रशासनिक अधिकारी ही शामिल हुए। न कोई बैंड-बाजा, न भव्य आयोजन—सिर्फ कानूनी औपचारिकताएं और परिवार की मौजूदगी।
ट्रेनिंग में हुई मुलाकात, फिर हुआ प्यार
दोनों की मुलाकात IAS प्रशिक्षण के दौरान हुई थी। एक ही बैच और देशसेवा का साझा लक्ष्य धीरे-धीरे दोस्ती में बदला और फिर यह रिश्ता विश्वास और समझ में परिवर्तित हो गया। प्रशासनिक जिम्मेदारियों के बीच दोनों ने परिवारों की सहमति से पहले विवाह पंजीकरण कराने का निर्णय लिया।
मिनी सचिवालय बना विवाह स्थल
अलवर के मिनी सचिवालय में विवाह की सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की गईं। जिस परिसर में रोज प्रशासनिक फैसले लिए जाते हैं, वहीं दो अधिकारियों ने अपने निजी जीवन का अहम फैसला दर्ज कराया। कार्यक्रम औपचारिक जरूर था, लेकिन आत्मीय माहौल में संपन्न हुआ। समारोह छोटा था, लेकिन संदेश बड़ा. शादी दिखावे से नहीं, आपसी समझ और प्रतिबद्धता से होती है।
कौन हैं माधव और अदिति?
माधव भारद्वाज मूल रूप से मसूरी निवासी हैं और राजस्थान कैडर के अधिकारी हैं। वर्तमान में वे अलवर में एसडीएम के रूप में कार्यरत हैं।
अदिति वासने उत्तर प्रदेश के बरेली की रहने वाली हैं। उन्हें गुजरात कैडर मिला और वे जामनगर में एसडीएम के पद पर तैनात हैं। दोनों अपने बैच के मेधावी अधिकारियों में शामिल हैं और पहले ही प्रयास में IAS बने।
बाद में होंगे पारंपरिक फेरे
दोनों ने बताया कि जल्द ही शुभ मुहूर्त में मंदिर में हिंदू रीति-रिवाजों के साथ विवाह संस्कार भी संपन्न किए जाएंगे। यह आयोजन भी सीमित दायरे में होगा और सिर्फ परिवारजन ही शामिल होंगे।
क्यों चर्चा में है यह शादी?
आज के दौर में जहां शादियां अक्सर भव्य आयोजनों और बड़े खर्च के कारण चर्चा में रहती हैं, वहीं दो युवा IAS अधिकारियों का सादगी से कोर्ट मैरिज करना लोगों का ध्यान खींच रहा है। सोशल मीडिया पर भी इस शादी की चर्चा हो रही है और इसे सादगी, संतुलन और परिपक्व सोच की मिसाल बताया जा रहा है।
कई लोगों का कहना है कि यह विवाह दिखावे से ज्यादा आपसी समझ और प्रतिबद्धता का उदाहरण है—और शायद यही इसकी सबसे बड़ी खासियत है।