NEWSPR DESK- बिहार में नए नगर निकायों के गठन के कारण त्रिस्तरीय पंचायतो का भूगोल बदल जाएगा तीन सौ से अधिक मुखिया इस बार पंचायत चुनाव लड़ने से वंचित हो जाएंगे.
आपको बता दें कि सरकार ने 103 नगर पंचायतों के गठन को मंजूरी दी है इस पहल के कारण 200 सौ से अधिक पंचायत नगर पंचायत क्षेत्र में तब्दील हो जाएगी इसी तरह 8 नए नगर परिषद के सिर्जन के साथ ही 32 पंचायतों को अपग्रेड कर नगर परिषद बना दिया गया है.
ऐसे में सीधे तौर पर 60 पंचायत नए नगर परिषद क्षेत्र में चले जाएंगे इसके अलावा 32 नगर पंचायत को अपग्रेड नगर परिषद बनाने के कारण 40 से अधिक पंचायतें नहीं रहेंगे यही नहीं 5 नए नगर निगम बनने से 20 से 50 पंचायतों का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा बता दें कि इस पहल के बाद त्रिस्तरीय पंचायतों के 10,000 से अधिक जनप्रतिनिधियों की छुट्टी तय हो गई है मुखिया सरपंच पंचायत समिति सदस्य वार्ड सदस्य वार्ड पंच का क्षेत्र नगर निकायों में समाहित हो जाएगी बिहार नगर पालिका संशोधन अधिनियम 2020 के कारण 3 से अधिक पंचायतों का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा.
दरअसल पंचायती राज कानून के तहत औसतन सात हजार की आबादी पर एक पंचायत का गठन होता है प्रति पंचायत में औसतन 32 से 35 जनप्रतिनिधियों होते हैं इस तरह 300 पंचायतों के करीब 10,000 जनप्रतिनिधि 2021 की पंचायत चुनाव नहीं लड़ पाएंगे.