उर्वरक कालाबाजारी करने वालों पर कृषि विभाग का शिकंजा, कई प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई

खरीफ सीजन के लिए तैयार बिहार, किसानों को पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध कराने का दावा

Rashmi Tiwari
- Advertisements -
Your Brand Here
Limited time offer
Advertise Now →

बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा है कि राज्य में किसानों के लिए उर्वरकों की किसी प्रकार की कमी नहीं है। सभी जिलों में किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त मात्रा में उर्वरकों का भंडारण किया गया है और उनकी उपलब्धता लगातार सुनिश्चित की जा रही है। गुरुवार को पटना के मीठापुर स्थित कृषि विभाग कार्यालय में उर्वरक उपलब्धता की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कृषि मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

जरूरत से अधिक उपलब्ध है उर्वरक
कृषि मंत्री ने बताया कि 30 जून 2026 तक राज्य में लगभग 2.40 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 1 लाख मीट्रिक टन डीएपी, 1.25 लाख मीट्रिक टन एनपीके और 0.55 लाख मीट्रिक टन एसएसपी की आवश्यकता का अनुमान है।वहीं, 3 जून 2026 तक राज्य में 3.76 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 1.54 लाख मीट्रिक टन डीएपी, 2.38 लाख मीट्रिक टन एनपीके तथा 1.17 लाख मीट्रिक टन एसएसपी का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि उपलब्ध स्टॉक किसानों की वर्तमान और आगामी जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त है। विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप संतुलित मात्रा में उर्वरकों के उपयोग के लिए जागरूक करने हेतु व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है।

- Advertisements -
Your Brand Here
Limited time offer
Advertise Now →

कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी एवं अधिक मूल्य पर बिक्री रोकने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह सतर्क है। उर्वरक दुकानों एवं प्रतिष्ठानों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है और अनियमितता की सूचना मिलने पर छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। इस वर्ष 3 जून 2026 तक अनियमितता के विरुद्ध 29 उर्वरक प्रतिष्ठानों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है तथा 208 प्रतिष्ठानों के उर्वरक प्राधिकार पत्र रद्द किए गए हैं। इन कार्रवाइयों की जानकारी किसानों तक पहुंचाने के लिए समाचार पत्रों एवं अन्य माध्यमों का भी उपयोग किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि मुख्यालय स्तर पर गठित उड़नदस्ता दल लगातार शिकायतों की जांच कर रहा है। राज्य में उर्वरकों की कालाबाजारी अथवा जमाखोरी संबंधी शिकायत प्राप्त होने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। विजय कुमार सिन्हा ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि प्रखंडवार उर्वरकों का उप-आवंटन स्थानीय आवश्यकता एवं आच्छादन के आधार पर किया जाए तथा प्रतिष्ठानों के पॉस मशीन में प्रदर्शित स्टॉक और भौतिक स्टॉक का नियमित सत्यापन किया जाए। किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई की जाएगी।अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे जिलों में उर्वरकों की अवैध निकासी रोकने के लिए सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के साथ समन्वय स्थापित कर विशेष निगरानी अभियान चलाया जा रहा है।

जिलावार कार्रवाई की जानकारी देते हुए विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि पूर्वी चंपारण में 323 दुकानों की जांच में 18 दुकानों में अनियमितता पाई गई, जिनमें 8 दुकानदारों पर प्राथमिकी दर्ज की गई तथा 5 की अनुज्ञप्ति रद्द की गई। पश्चिम चंपारण में 343 दुकानों की जांच के दौरान 25 दुकानों में अनियमितता मिली, जिनमें 1 प्राथमिकी दर्ज की गई और 3 लाइसेंस रद्द किए गए। वहीं सीतामढ़ी में 590 दुकानों के निरीक्षण में 46 दुकानों में अनियमितता पाई गई, जिनमें 2 प्राथमिकी दर्ज की गईं तथा 7 लाइसेंस रद्द किए गए।

विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि सीमावर्ती 7 जिलों में कुल 2,573 दुकानों का निरीक्षण किया गया, जिनमें 275 दुकानों में अनियमितताएं पाई गईं। इसके परिणामस्वरूप 19 प्राथमिकी दर्ज की गईं, 123 दुकानों की अनुज्ञप्ति रद्द की गई तथा 85 दुकानदारों से स्पष्टीकरण मांगा गया।कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि किसानों के हितों की रक्षा और उर्वरकों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

- Advertisements -
Your Brand Here
Limited time offer
Advertise Now →
Share This Article