कृषि रोड मैप से बढ़ी उत्पादन क्षमता, डिजिटल पहल से सशक्त हो रहे किसान

Amit Singh

NEWS PR डेस्क: सूचना एवं जन-संपर्क विभाग, सूचना भवन स्थित संवाद कक्ष में आयोजित प्रेस वार्ता में बिहार सरकार के कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने राज्य के कृषि क्षेत्र में हो रहे व्यापक सुधारों, नवाचार आधारित पहलों और किसानों की आय बढ़ाने के लिए उठाए गए ठोस कदमों की विस्तृत जानकारी मीडिया के समक्ष रखी।

प्रेस वार्ता में कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल, कृषि निदेशक सौरभ सुमन यादव, उद्यान निदेशक अभिषेक कुमार तथा विपणन निदेशालय के निदेशक शैलेन्द्र कुमार सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

कृषि को लाभकारी और आधुनिक बनाने का संकल्प

कृषि मंत्री ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में राज्य सरकार का स्पष्ट संकल्प है “कृषि को लाभकारी, आधुनिक और सम्मानजनक पेशा बनाना।”

उन्होंने बताया कि कृषि रोड मैप के प्रभावी क्रियान्वयन से राज्य में उत्पादन, उत्पादकता और किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। बीज, उर्वरक, सिंचाई सुविधा, आधुनिक कृषि यंत्र और डिजिटल सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कर छोटे एवं सीमांत किसानों को मुख्यधारा में लाया जा रहा है।

डिजिटल कृषि और डीबीटी से बढ़ी पारदर्शिता

मंत्री ने कहा कि योजनाओं का लाभ सीधे किसानों तक पहुँचे, इसके लिए डीबीटी (Direct Benefit Transfer) प्रणाली को सुदृढ़ किया गया है। डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा रही है तथा बिचौलिया व्यवस्था पर नियंत्रण लगाया गया है।

उन्होंने जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए टिकाऊ और स्मार्ट खेती को बढ़ावा देने की बात कही। फसल विविधीकरण, मूल्य संवर्धन, प्रसंस्करण और कृषि आधारित उद्यमिता को नई गति दी जा रही है।

कृषि रोड मैप की उपलब्धियाँ

प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल ने कहा कि सुनियोजित रणनीति और समन्वित प्रयासों से बिहार कृषि विकास की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य को ‘कृषि कर्मण पुरस्कार’ जैसी राष्ट्रीय पहचान प्राप्त हुई है।

उन्होंने आधुनिक कृषि मशीनरी को बढ़ावा देने, लागत में कमी लाने और किसानों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही किसानों से अपील की कि वे परंपरागत फसलों के साथ-साथ उच्च मूल्य वाली और बाजार उन्मुख फसलों की खेती की ओर अग्रसर हों।

उत्पादन और उत्पादकता में वृद्धि

कृषि निदेशक सौरभ सुमन यादव ने बताया कि हाल के वर्षों में धान, गेहूं और मक्का के उत्पादन व उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। दलहन एवं तिलहन फसलों के लिए विशेष रणनीति अपनाई जा रही है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है तथा वितरण व्यवस्था पर सतत निगरानी रखी जा रही है। कृषि यांत्रीकरण को बढ़ावा देने के लिए आधुनिक मशीनें अनुदानित दरों पर उपलब्ध कराई जा रही हैं।

क्लस्टर आधारित खेती और मखाना को बढ़ावा

उद्यान निदेशक अभिषेक कुमार ने बताया कि छोटे और सीमांत किसानों की आय बढ़ाने के लिए क्लस्टर आधारित खेती की रणनीति लागू की जा रही है। इससे लागत में कमी और विपणन की बेहतर व्यवस्था संभव हो रही है।

उन्होंने कहा कि कृषि आधारित स्टार्टअप, प्रसंस्करण इकाइयों और सुदृढ़ कोल्ड चेन अवसंरचना के विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है। मखाना उत्पादन को प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए आधुनिक मखाना पॉपिंग मशीन जल्द किसानों को उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे प्रसंस्करण अधिक वैज्ञानिक और श्रम-सुलभ होगा।

बाजारों का आधुनिकीकरण और e-NAM से जुड़ाव

विपणन निदेशक शैलेन्द्र कुमार ने बताया कि राज्य के बाजार प्रांगणों का जीर्णोद्धार और आधुनिकीकरण प्राथमिकता पर किया जा रहा है। किसानों को सुरक्षित भंडारण और सुगम विक्रय की सुविधा मिल रही है।

उन्होंने बताया कि बाजार प्रांगणों को e-NAM पोर्टल से जोड़ा जा रहा है, जिससे किसान अपने उत्पादों का ऑनलाइन क्रय-विक्रय कर देशव्यापी बाजार से जुड़ पा रहे हैं। इससे व्यापार में पारदर्शिता बढ़ी है और किसानों को बेहतर मूल्य मिलने की संभावना मजबूत हुई है।

जिलों में संवाद कार्यक्रम की घोषणा

कृषि मंत्री ने घोषणा की कि विधानमंडल सत्र समाप्त होने के बाद विभाग प्रत्येक जिले में जाकर किसानों, वैज्ञानिकों और कृषि उद्यमियों से संवाद करेगा, ताकि जमीनी स्तर पर समस्याओं का समाधान किया जा सके और कृषि क्षेत्र को नई दिशा दी जा सके।

अंत में उन्होंने दोहराया कि “समृद्ध किसान विकसित बिहार” सरकार का लक्ष्य है और कृषि विभाग इसी संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रहा है।

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