बिहार में राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियों के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार ने एक बार फिर महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। 7 मई को पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में प्रस्तावित कैबिनेट विस्तार से पहले बुधवार को मुख्यमंत्री सचिवालय में कैबिनेट की अहम बैठक आयोजित की गई।इस बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने की, जिसमें उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और विजेंद्र यादव भी उपस्थित रहे। बैठक में कुल 20 एजेंडों पर मुहर लगाई गई, जिससे प्रशासनिक और नीतिगत फैसलों को नई दिशा मिलने की संभावना जताई जा रही है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह बैठक आगामी कैबिनेट विस्तार की तैयारियों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जिसमें करीब 27 नए मंत्रियों के शपथ लेने की संभावना है।इससे पहले 29 अप्रैल को हुई दूसरी कैबिनेट बैठक में कुल 63 एजेंडों पर निर्णय लिया गया था। उस बैठक में रोजगार और नियुक्तियों को लेकर कई बड़े फैसले लिए गए थे। बिहार पुलिस में 20,937 पदों पर भर्ती को मंजूरी दी गई थी, जिसमें आधे पद पदोन्नति और शेष सीधी भर्ती के माध्यम से भरे जाने हैं।
इसके अलावा शिक्षा विभाग में 9,152 पद, ट्रैफिक पुलिस में 485 पद और वन एवं पर्यावरण विभाग में 313 पदों पर नियुक्तियों को भी स्वीकृति दी गई थी। इसी बैठक में संजय गांधी जैविक उद्यान का नाम बदलकर “पटना जू” करने का निर्णय भी लिया गया था।सरकार के इन लगातार फैसलों को राज्य में प्रशासनिक सुधार और विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जबकि अब सभी की निगाहें 7 मई को होने वाले संभावित मंत्रिमंडल विस्तार पर टिकी हैं।
कैबिनेट विस्तार से पहले सरकार का मास्टरस्ट्रोक,20 एजेंडों पर लगी मुहर,विकास और रोजगार पर बड़े फैसले
विकास और रोजगार पर फोकस, कैबिनेट विस्तार से पहले सरकार का बड़ा मंथन