रोहतास जिले के सासाराम से शिक्षा विभाग से जुड़ा एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है। करगहर प्रखंड के सिरसिया गांव स्थित एक आंगनबाड़ी केंद्र की सेविका पर ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि बच्चों को सरकारी पोशाक पहनाकर फोटो खिंचवाने के बाद उनसे कपड़े उतरवा लिए गए। घटना के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल है और मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।

बच्चों के लिए विभाग की ओर से मुफ्त पोशाक
ग्रामीणों के अनुसार आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों के लिए विभाग की ओर से मुफ्त पोशाक भेजी गई थी। सेविका और सहायिका ने पहले बच्चों को नई ड्रेस पहनाकर उनकी फोटोग्राफी कराई और सरकारी रजिस्टर में नाम दर्ज किया लेकिन बाद में बच्चों से ड्रेस वापस ले ली गई, जिससे अभिभावकों में नाराजगी फैल गई।

परिजनों ने विरोध में खुद ही बच्चों के कपड़े उतार दिए
हालांकि आंगनबाड़ी सेविका ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि केवल नामांकित बच्चों को ही सरकारी नियम के तहत पोशाक दी जा रही थी। ड्रेस वितरण की जानकारी मिलने पर अन्य बच्चे भी केंद्र पर पहुंच गए। सेविका के मुताबिक जब गैर-नामांकित बच्चों को ड्रेस देने से मना किया गया तो उनके परिजनों ने विरोध में खुद ही बच्चों के कपड़े उतार दिए और हंगामा शुरू कर दिया।
प्रशासन और शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर सवाल
इस बीच घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ बच्चे बिना कपड़ों के दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन और शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल यह मामला इलाके में चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
रोहतास से दिवाकर तिवारी की रिपोर्ट