भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में नालंदा जिले के नगरनौसा प्रखंड में बाल विकास परियोजना कार्यालय की महिला पर्यवेक्षिका को 3,200 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया।निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना की मुख्यालय टीम ने 6 मई 2026 को निगरानी थाना कांड संख्या-052/26 में कार्रवाई करते हुए आरोपी सुषमा कुमारी, महिला पर्यवेक्षिका, बाल विकास परियोजना कार्यालय, नगरनौसा को उनके सरकारी आवास से गिरफ्तार किया।

पोषाहार राशि से जुड़े दस्तावेज पर हस्ताक्षर के बदले मांगी थी रिश्वत
मामले की शिकायत नगरनौसा निवासी बेबी कुमारी ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो से की थी। शिकायत में कहा गया था कि अप्रैल माह की पोषाहार राशि से संबंधित पंजी पर हस्ताक्षर करने के एवज में महिला पर्यवेक्षिका द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही है।शिकायत मिलने के बाद ब्यूरो ने मामले का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस उपाधीक्षक शशि शेखर चौधरी के नेतृत्व में विशेष धावादल का गठन किया गया।

सरकारी आवास में बिछाया गया जाल, रंगे हाथ हुई गिरफ्तारी
निगरानी टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए नगरनौसा प्रखंड परिसर स्थित सरकारी आवास में आरोपी को 3,200 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की जा रही है।ब्यूरो के अनुसार, पूछताछ के उपरांत आरोपी को माननीय विशेष न्यायालय, निगरानी, पटना में प्रस्तुत किया जाएगा। मामले में आगे की जांच जारी है।
वर्ष 2026 का 52वां भ्रष्टाचार मामला
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार के अनुसार वर्ष 2026 में भ्रष्टाचार के खिलाफ यह 52वीं प्राथमिकी है। वहीं ट्रैप संबंधी यह 47वां मामला है। अब तक कुल 45 अभियुक्तों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया जा चुका है और रिश्वत की कुल बरामद राशि 17,51,200 रुपये पहुंच चुकी है।ब्यूरो ने स्पष्ट किया है कि रिश्वत की राशि कम होने पर भी भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।