NEWSPR डेस्क। भागलपुर के नवगछिया बाजार में दरोगा की गुड़ागर्दी की बात सामने आई है। शनिवार की शाम दरोगा ने एक युवक के साथ मारपीट की है। जानकारी के मुताबिक युवक दुकान से सामान खरीद रहा था। उसने दुकान के बाहर सड़क किनारे अपनी मोटरसाइकिल लगाई थी। इसी दौरान दरोगा ने उसे बुलाकर मोटरसाइकिल की चाभी जबरन लेनी चाही और नहीं देने पर उसके साथ अभद्र व्यवहार किया। दरोगा ने युवक के साथ साथ धक्का मुक्की करते हुए उसे एक चांटा मारा। जिसके बाद उसकी मोटरसाइकिल की चाभी लेकर एक सिपाही के द्वारा उसकी मोटरसाइकिल को थाना भेज दिया गया।
इससे पहले दरोगा ने दुकान के दुकानदार से भी बकझक की थी। इतना ही नहीं इस घटनास्थल से आगे सड़क के दूसरे किनारे पर एक पत्रकार की बाइक लगी थी, जिसे भी एक अन्य दारोगा ने कई लोगों के सामने कहा कि आप बाइक यहां क्यों लगाए हैं, बाइक लेकर क्यों आये हैं। जबकि नवगछिया बाजार में बाइक लेकर आने की पहले से कोई प्रशासनिक मनाही नहीं है और न ही किसी प्रकार का प्रतिबंध लगाया गया है। जबकि दो साल के कोरोना काल के बाद इस समय दुर्गा पूजा की खरीदारी को लेकर नवगछिया बाजार में ग्राहक नजर आ रहे हैं।
नवगछिया बाजार में हुई इस घटना के पीछे कारण यह था कि नवगछिया थाना की एक पेट्रोलिंग जीप महाराज जी चौक से पोस्ट ऑफिस की तरफ जा रही थी। जिसके आगे आगे एक अवैध रूप से चलने वाली जुगाड़ गाड़ी चल रही थी। जिससे वह आगे नहीं बढ़ पा रही थी। उसकी वजह से इन पुलिस पदाधिकारी ने दुकान के बाहर सड़क किनारे ग्राहक की बाइक लगी होने पर पहले दुकानदार पर गुस्सा झाड़ा, फिर उस ग्राहक के साथ वह व्यवहार किया जिसे देखने अच्छी खासी भीड़ भी लग गयी।
ग्राहक की मोटरसाइकिल को थाना भेजने के बाद और पुलिस पदाधिकारी के जाने के बाद लोगों ने नवगछिया पुलिस पदाधिकारी के व्यवहार पर गहरा क्षोभ और भारी असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि एक तरफ बिहार सरकार के मुख्यमंत्री और उद्योगमंत्री बिहार में उद्योग लगाने की बात करते हैं। वहीं दूसरी तरफ एक छोटे से बाजार में जहां बाइक लगाने के लिए एक भी पार्किंग अथवा बाइक की सुरक्षा की व्यवस्था नहीं है। वहां के दुकानदार और ग्राहक के साथ उनके ही अधिकारी इस तरह का व्यवहार करते हैं। वहीं इस घटना की जानकारी नवगछिया के पुलिस अधीक्षक सुशांत कुमार सरोज को दी गई तो उन्होंने इस तरह की वारदात पर आश्चर्य व्यक्त किया और मामले की पूरी जानकारी प्राप्त करने की बात भी कही।
भागलपुर से शयामानंद सिंह की रिपोर्ट