NEWS PR डेस्क: बिहार बोर्ड इंटरमीडिएट (कक्षा 12वीं) की परीक्षाएं 2 फरवरी से शुरू हो चुकी हैं। परीक्षा के पहले ही दिन पटना, बेगूसराय और औरंगाबाद समेत कई जिलों में अव्यवस्थाओं को लेकर छात्रों का आक्रोश देखने को मिला। कहीं महज 2 मिनट की देरी से पहुंचने पर छात्रों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं मिला, तो कहीं एडमिट कार्ड पर कथित गलत परीक्षा केंद्र दर्ज होने के कारण छात्र परीक्षा से वंचित रह गए।
दरअसल, बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) द्वारा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं फरवरी 2026 में आयोजित की जा रही हैं।12वीं की परीक्षाएं 2 फरवरी से 13 फरवरी 2026 तक चलेंगी, जबकि मैट्रिक (10वीं) की परीक्षाएं 17 फरवरी से 25 फरवरी 2026 के बीच होंगी। इंटर परीक्षा के पहले दिन ही अलग-अलग कारणों से कई छात्र परीक्षा नहीं दे सके। बिहार बोर्ड इंटरमीडिएट की परीक्षा दो शिफ्ट में आयोजित की जा रही है। 2 फरवरी को पहली पाली की परीक्षा (सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक) हुई। वहीं दूसरी पाली (दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक) आयोजित किया गया।
परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा और गहन जांच के कारण कई जगहों पर छात्रों को लंबी कतारों में लगना पड़ा। बेगूसराय में परीक्षा के पहले दिन कई छात्रों ने हंगामा किया। पहली पाली की परीक्षा सुबह 9:30 बजे शुरू हुई थी और बोर्ड के निर्देशानुसार छात्रों को सुबह 9 बजे तक ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति थी। लेकिन ट्रैफिक जाम के कारण कुछ छात्र मात्र 2 मिनट की देरी से पहुंचे, जिसके बाद उन्हें परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया गया। काफी देर तक अनुरोध के बावजूद जब एंट्री नहीं मिली तो छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने केंद्र के बाहर हंगामा शुरू कर दिया।
हालात को काबू में करने के लिए पुलिस को लाठी चार्ज करना पड़ा। पटना में भी परीक्षा केंद्रों के बाहर छात्रों और अभिभावकों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि बिहार बोर्ड द्वारा जारी 12वीं के एडमिट कार्ड पर परीक्षा केंद्र का गलत पता दर्ज था, जिसकी वजह से वे समय पर सही केंद्र तक नहीं पहुंच सके और परीक्षा छूट गई।
बेगूसराय के अलावा औरंगाबाद में भी कुछ छात्रों को कुछ मिनट की देरी भारी पड़ गई। परीक्षा केंद्र पहुंचने में थोड़ी सी देर होने पर कई छात्राओं को अंदर जाने से रोक दिया गया। इसके बाद परीक्षा केंद्र के गेट पर छात्राएं फूट-फूटकर रोती नजर आईं, जिसका भावुक दृश्य सामने आया।
बता दें, बिहार बोर्ड परीक्षाएं इस बार बेहद सख्त निगरानी में आयोजित की जा रही हैं। बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड ने पहले ही एडवाइजरी जारी कर स्पष्ट किया था कि परीक्षा शुरू होने से एक घंटा पहले परीक्षा केंद्र में प्रवेश शुरू होगा और परीक्षा प्रारंभ होने से 30 मिनट पहले मुख्य द्वार बंद कर दिया जाएगा। बोर्ड ने साफ कहा है कि तय समय के बाद किसी भी परीक्षार्थी को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।
कुल मिलाकर, बिहार बोर्ड इंटर परीक्षा 2026 का पहला दिन सख्ती, अव्यवस्था और छात्रों के आक्रोश के नाम रहा, जहां समय की पाबंदी और प्रशासनिक चूक के बीच कई होनहार छात्र परीक्षा देने से वंचित रह गए।