NEWS PR डेस्क: पटना/किशनगंज, 31 मार्च। बिहार के किशनगंज से एक बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की खबर सामने आई है, जहां आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी गौतम कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के आरोप में व्यापक छापेमारी शुरू की है।
सूत्रों के मुताबिक, EOU की चार सदस्यीय टीम एक साथ उनके 6 अलग-अलग ठिकानों पर तलाशी अभियान चला रही है। यह कार्रवाई सिर्फ किशनगंज तक सीमित नहीं है, बल्कि पटना, पूर्णिया, अररिया और कटिहार में भी उनके ठिकानों को खंगाला जा रहा है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, गौतम कुमार पर करीब 1.94 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। हालांकि जांच एजेंसियों को आशंका है कि यह आंकड़ा और भी बड़ा हो सकता है। बताया जा रहा है कि उनकी करीब 32 वर्षों की सेवा के दौरान भारी संपत्ति जुटाने के संकेत मिले हैं, जिसकी अब गहन जांच की जा रही है।
छापेमारी के दौरान टीम को कई अहम दस्तावेज हाथ लगे हैं। इनमें जमीन-जायदाद के कागजात, बैंक खातों का विवरण, निवेश से जुड़े दस्तावेज, महंगी गाड़ियों और सोने-चांदी के आभूषणों की जानकारी शामिल है। जांच एजेंसी अब इन सभी संपत्तियों के स्रोत और वैधता की पड़ताल कर रही है।
खास बात यह है कि जांच का दायरा सिर्फ अधिकारी तक सीमित नहीं है। टीम उनके परिवार और करीबियों के नाम पर खरीदी गई संपत्तियों की भी जांच कर रही है। शुरुआती संकेत बताते हैं कि विभिन्न शहरों में प्लॉट, मकान और व्यावसायिक संपत्तियां उनके नेटवर्क से जुड़ी हो सकती हैं।
गौरतलब है कि गौतम कुमार ने पुलिस सेवा की शुरुआत एसआई के रूप में की थी और बाद में प्रमोशन पाकर SDPO बने। अपने करियर का बड़ा हिस्सा उन्होंने सीमांचल क्षेत्र में ही बिताया, जिससे उनके स्थानीय स्तर पर मजबूत नेटवर्क की भी चर्चा है।
फिलहाल यह कार्रवाई जारी है और आर्थिक अपराध इकाई सभी बरामद दस्तावेजों का मूल्यांकन कर रही है। यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जा सकती है। इस पूरे घटनाक्रम से बिहार पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है।