मार्च की शुरुआत में ही तपने लगा बिहार, एक महीने में 12 डिग्री तक चढ़ा पारा

Amit Singh

NEWS PR डेस्क: इस वर्ष बिहार में मौसम ने समय से पहले ही अपना मिजाज बदल लिया है। मार्च की शुरुआत होते ही तेज धूप और बढ़ती गर्मी ने लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया है। जो बसंती ठंडक आमतौर पर मार्च के मध्य तक महसूस होती थी, वह इस बार फरवरी के अंत तक ही गायब हो गई।

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक महीने में राज्य के तापमान में 12 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि दर्ज की गई है। राजधानी पटना सहित कैमूर और अन्य जिलों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री के पार पहुंच चुका है, जबकि कैमूर में पारा 34 डिग्री से ऊपर रिकॉर्ड किया गया है।

ड्राई हीट का असर, अप्रैल जैसा मौसम

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय राज्य के अधिकांश हिस्से ‘ड्राई हीट’ यानी शुष्क गर्मी की चपेट में हैं, जो सामान्यतः अप्रैल में देखने को मिलती है। वातावरण में नमी की कमी, लगातार चल रही पछुआ हवाएं और साफ आसमान के कारण सूर्य की किरणें सीधे जमीन को गर्म कर रही हैं। साथ ही, पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव कमजोर पड़ने से ठंडी हवाओं का प्रवाह भी कम हो गया है।

आने वाले दिनों में और बढ़ेगी गर्मी

IMD का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों में दिन और रात के तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक और वृद्धि हो सकती है। यदि यही स्थिति बनी रही, तो मार्च के पहले सप्ताह में ही कुछ जिलों में तापमान 38 से 40 डिग्री के करीब पहुंच सकता है।

स्वास्थ्य विभाग की सलाह

तेजी से बढ़ती गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों को दोपहर की तेज धूप से बचने, पर्याप्त पानी पीने और हल्के सूती कपड़े पहनने की हिदायत दी गई है। डिहाइड्रेशन और हीट एक्सहॉशन से बचाव के लिए खानपान और दिनचर्या में सावधानी बरतने को कहा गया है।

होली से पहले मौसम के इस बदले तेवर ने संकेत दे दिया है कि इस साल गर्मी सामान्य से अधिक तीखी हो सकती है।

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