जदयू के प्रदेश उपाध्यक्ष पंकज रंजन ने अपने पिता की पुण्यतिथि पर कहा उनके बताए रास्ते पर चलकर मिली सफलता

Patna Desk
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NEWSPR DESK- PATNA- कुशवाहा की आवाज बनने वाले एक ऐसे शख्स जो बिहार ने उन्हें खो दिया लेकिन अभी भी सभी के दिलों पर राज करते हैं हम बात कर रहे हैं स्वर्गीय डॉक्टर प्रोफेसर अम्बुज कुमार वर्मा की आपको बता दे कि इनका जन्म 2 अक्टूबर 1944 को ग्राम बेलखड़ा में हुआ था जो बाद में अरवल जिला के नाम से प्रसिद्ध हुआ था।

आज पुण्यतिथि के तौर पर पूरा बिहार उन्हें याद करता है वही आपको बता दे कि जो जाति समुदाय धर्म से उठकर एक कुशल समाज के साथ-साथ पूरे राज्य के लिए सेवा की उन्होंने अपने कार्य से पूरे देश में ख्यात प्राप्त की।

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वह गया के जाने-माने जगजीवन कॉलेज में प्रोफेसर बनकर सेवा दिया और जरूरतमंद लोगों को शिक्षा का दान देने के साथ-साथ उच्च पद पर पदस्थापित करने का काम भी किया।

उन्हे चाह कर भी कभी नहीं भूल जा सकता है वह आज हमारे बीच नहीं है फिर भी उनकी विचारधारा हमारे बीच है जो हमारे सफलता का मूल मंत्र है आज उनके बारे में जितना भी व्याख्या किया जाए कम ही होगी ऐसे पुण्य आत्मा को कोटि-कोटि नमन करते हैं।

वही आपको बता दे कि जदयू के प्रदेश उपाध्यक्ष पंकज रंजन ने अपने पिता के पुण्यतिथि पर कहा कि मेरे पिता शिक्षाविद्द होने के साथ लोगों की मदद करने वाले व्यक्ति थे उन्होंने बचपन में ही हम सभी को अच्छे संस्कार दिए हैं उनके बताए रास्ते पर चलते हुए जीवन में सफलता हासिल की है।

आगे उन्होंने कहा कि पिता ने हमेशा दूसरों की मदद करने का पाठ पढ़ाया है आज भी उनके बताएं रास्ते पर चलकर दूसरों की मदद कर शांति मिलती है मैं भी अपने बच्चों को बेहतर इंसान बनने को लेकर अच्छे संस्कार दे रहा हूं।

वही आपको बता दे कि उनके द्वारा कुशवाहा समाज को लेकर बिहार का पहला अखिल भारतीय कुशवाहा सम्मेलन 1913 दिसंबर 28, 29 और 30 में किया गया जो भारतवर्ष का तीसरा बड़ा अखिल भारतीय कुशवाहा सम्मेलन था जहां हजारों की संख्या में लोगों ने आकर इस सम्मेलन को सफल बनाया और जहां एक नई विचारधारा की नींव रखी गई इस विरासत को स्वर्गीय डॉक्टर प्रोफेसर अम्बुज कुमार वर्मा ने अपने सूझबूझ से बखूबी संभाला और कुशवाहा समाज में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया।

वही पिता के बताए गए रास्ते पर चलते हुए पंकज रंजन भी आज बिहार की राजनीति में जाने-माने चेहरे हैं आपको बता दे की पंकज रंजन जदयू के प्रदेश उपाध्यक्ष भी है पंकज रंजन भी पिता के रास्ते पर चलते हुए समाज सेवा कर रहे हैं आपको बता दे की बलिया और बिहटा में तुलसी अस्पताल आज भी गरीब गुरबो के लिए इलाज देते आ रही है जरूरतमंदों को समय पर पंकज रंजन साथ भी देते हैं।

वही इस मौके पर पंकज रंजन के पुत्र सहस्त्रांशु रंजन ने गरीबों के बीच भोजन वितरण किया और अपने दादाजी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि दी।

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