NEWS PR डेस्क: नई दिल्ली/लखनऊ/पटना, 22 मार्च। जनता दल (यू) के वरिष्ठ नेता रहे केसी त्यागी ने अपने बेटे अम्बरीष त्यागी के साथ रविवार को राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) का दामन थाम लिया है। रालोद अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने दोनों नेताओं को औपचारिक रूप से पार्टी में शामिल कराया। इस कदम को जेडीयू के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।
पहले से लग रहे थे कयास
केसी त्यागी के रालोद में जाने की अटकलें पिछले कई दिनों से लगाई जा रही थीं। 16 तारीख को उन्होंने खुद बयान जारी कर स्पष्ट किया था कि उन्होंने जेडीयू के सदस्यता अभियान के तहत अपनी सदस्यता का नवीकरण नहीं कराया है, जिसके बाद उनके पार्टी छोड़ने की चर्चा तेज हो गई थी।
अनुभव और युवा चेहरे का मेल
केसी त्यागी लंबे समय से सक्रिय राजनीति में रहे हैं और संगठनात्मक अनुभव रखते हैं। उनके रालोद में शामिल होने से पार्टी को रणनीतिक मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं, अम्बरीष त्यागी के आने से युवा वर्ग में पार्टी की पकड़ बढ़ने की संभावना है।
‘मैं सांसद-विधायक बनने नहीं आया’: केसी त्यागी
पार्टी में शामिल होने के बाद केसी त्यागी ने कहा, “चौधरी चरण सिंह ने बहुत कम उम्र में उनको हापुड़ से लड़ने के लिए टिकट दिया था। केसी त्यागी ने कहा कि अब वह सांसद और विधायक बनने के लिए नहीं बल्कि जयंत चौधरी को चौधरी चरण सिंह की तरह देखने के लिए रालोद आए हैं। उन्होंने कहा कि “मैंने अपना राजनीतिक जीवन ही रालोद से शुरू किया था। यह उसी का स्वरूप है। कुछ नया नहीं है। चौधरी चरण सिंह के बचे हुए सपने को पूरा करने में हम मदद करेंगे। जदयू और रालोद में कोई फर्क नहीं है। एक दिन ऐसा भी था जब नीतीश कुमार और चौधरी अजित सिंह मिलकर नई पार्टी बनाने वाले थे।”
जेडीयू के गठन से जुड़े रहे प्रमुख चेहरा
केसी त्यागी जेडीयू के गठन के समय से ही पार्टी के अहम नेताओं में शुमार रहे हैं। 2003 में समता पार्टी और जनता दल के विलय के बाद वे जॉर्ज फर्नांडिस, शरद यादव और नीतीश कुमार के साथ संगठन के मजबूत स्तंभ माने जाते थे। उन्होंने लंबे समय तक पार्टी के प्रधान महासचिव के रूप में काम किया और शीर्ष नेतृत्व के साथ करीबी तालमेल बनाए रखा।