NEWS PR डेस्क, 07 मई। पश्चिम बंगाल के मध्यग्राम इलाके में भाजपा नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस सनसनीखेज वारदात के बाद राज्य की राजनीति में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। घटना को लेकर भाजपा और तृणमूल कांग्रेस आमने-सामने आ गई हैं और दोनों दलों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
जानकारी के मुताबिक, चंद्रनाथ रथ पर उस समय हमला किया गया जब वह मध्यग्राम इलाके से गुजर रहे थे। बाइक और कार सवार हमलावरों ने कथित तौर पर उनकी गाड़ी का पीछा किया और फिर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोली लगने के बाद गंभीर रूप से घायल चंद्रनाथ को स्थानीय लोगों की मदद से नजदीकी नर्सिंग होम ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।

घटना के बाद भाजपा नेताओं ने इसे राजनीतिक साजिश करार दिया। भाजपा विधायक कौस्तव बागची ने आरोप लगाया कि हमला पूरी तरह योजनाबद्ध था और इसके पीछे सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस का हाथ है। उन्होंने कहा कि अपराधियों की गिरफ्तारी होने तक पार्टी कार्यकर्ता शांत नहीं बैठेंगे। वहीं भाजपा विधायक तरुणज्योति तिवारी ने भी राज्य में बढ़ती राजनीतिक हिंसा को लेकर टीएमसी सरकार पर निशाना साधा।
भाजपा नेता ने दावा किया कि चंद्रनाथ रथ ने भवानीपुर चुनाव के दौरान पार्टी के लिए अहम भूमिका निभाई थी और इसी वजह से उन्हें निशाना बनाया गया। उन्होंने टीएमसी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सत्ता परिवर्तन के बाद इस हत्या में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

दूसरी ओर All India Trinamool Congress ने भी घटना की निंदा की है और मामले की कोर्ट की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग की है। पार्टी ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि राजनीतिक हिंसा लोकतंत्र के लिए खतरा है और दोषियों को जल्द सजा मिलनी चाहिए। साथ ही टीएमसी ने हाल के दिनों में अपने कार्यकर्ताओं की हत्या का भी जिक्र किया।
मामले की जांच कर रही पुलिस ने घटनास्थल से खाली और जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। पश्चिम बंगाल के डीजीपी सिद्धनाथ गुप्ता ने बताया कि अपराध में इस्तेमाल वाहन को जब्त कर लिया गया है और उसकी नंबर प्लेट फर्जी पाई गई है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और हमलावरों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।