NEWS PR डेस्क: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में बजट 2026 पेश किया। इस बजट में आयकर दाताओं को लेकर कोई बड़ा ऐलान नहीं किया गया, जिससे मध्यम वर्ग को निराशा जरूर हाथ लगी। हालांकि, स्वास्थ्य और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को लेकर सरकार ने कई अहम राहतें दी हैं।
बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने कहा कि ‘सुधार एक्सप्रेस’ अपनी तय राह पर मजबूती से आगे बढ़ रही है और सरकार इस रफ्तार को बनाए रखेगी। उन्होंने कहा, “हमारा कर्तव्य है कि हर परिवार, हर समुदाय और हर वर्ग तक संसाधनों, सुविधाओं और अवसरों की समान पहुंच सुनिश्चित की जाए।”
क्या हुआ महंगा?
बजट 2026 में कुछ सेक्टर्स पर टैक्स और ड्यूटी बढ़ाई गई है, जिससे निम्नलिखित चीजें महंगी हो गई है।
खनिज (Minerals)
स्क्रैप
शराब
वायदा कारोबार (Futures Trading)
लग्जरी घड़ियों पर अब ज्यादा टैक्स लगेगा, जिससे इनकी कीमतों में बढ़ोतरी तय मानी जा रही है।
सरकार ने कॉफी रोस्टिंग, ब्रूइंग और वेंडिंग मशीनों पर दी जा रही टैक्स छूट हटा ली है। इसका असर कैफे और घरेलू इस्तेमाल वाली कॉफी मशीनों की कीमतों पर पड़ेगा।
किसानों के लिए भी झटका है, क्योंकि अमोनियम फॉस्फेट और अमोनियम नाइट्रो-फॉस्फेट जैसे केमिकल्स के इंपोर्ट पर छूट खत्म कर दी गई है। इससे खाद और कॉम्प्लेक्स फर्टिलाइजर की कीमतें बढ़ सकती हैं।
इसके अलावा विदेश से आयात होने वाले टीवी, कैमरे और फिल्मिंग से जुड़े उपकरणों पर टैक्स बढ़ाया गया है, जिससे फोटोग्राफी, फिल्मिंग और साउंड रिकॉर्डिंग से जुड़े सामान महंगे हो सकते हैं।
क्या हुआ सस्ता?
बजट में कई जरूरी और उपभोक्ता वस्तुओं को सस्ता किया गया है, जिससे आम लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है:-
स्वास्थ्य क्षेत्र में राहत
शुगर समेत 7 गंभीर बीमारियों की दवाएं सस्ती
कैंसर से जुड़ी 17 आवश्यक दवाओं पर कीमतों में कटौती
उपभोक्ता और मैन्युफैक्चरिंग सामान
लेदर और कपड़ा
सिंथेटिक फुटवियर और जूते
माइक्रोवेव ओवन
विदेशी यात्रा सस्ती
ग्रीन एनर्जी और ट्रांसपोर्ट सेक्टर
EV बैटरी
एयरक्राफ्ट निर्माण से जुड़ी वस्तुएं
विमानों का ईंधन
बायोगैस मिक्स्ड CNG
मिक्स्ड गैस CNG
सोलर एनर्जी से जुड़े वस्तुएं
निर्यात को बढ़ावा
चमड़े और कपड़े के निर्यात पर लागत कम की गई है, जिससे एक्सपोर्ट सेक्टर को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
स्मार्टफोन और टैबलेट्स: भारत में बने मोबाइल और टैबलेट्स की कीमतें घटने की उम्मीद है।
संतुलित बजट का दावा
सरकार का कहना है कि बजट 2026 का फोकस आर्थिक सुधार, स्वास्थ्य सुविधा विस्तार, ग्रीन एनर्जी और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने पर है। हालांकि आयकर में राहत न मिलने से टैक्सपेयर्स निराश हैं, लेकिन दवाओं और जरूरी वस्तुओं के सस्ते होने से आम जनता को कुछ राहत जरूर मिली है।