स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0 को कैबिनेट की मंजूरी, 10,000 करोड़ से मिलेगा इनोवेशन को बल

Amit Singh

NEWS PR डेस्क: देश के स्टार्टअप इकोसिस्टम को नई गति देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री Narendra Modi की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ‘स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0’ को मंजूरी दे दी है। इसके तहत 10,000 करोड़ रुपये का कोष स्थापित किया जाएगा, जिसका लक्ष्य स्टार्टअप्स के लिए वेंचर कैपिटल उपलब्ध कराना है।

नवाचार आधारित विकास को मिलेगा प्रोत्साहन

यह फंड भारत में दीर्घकालिक घरेलू पूंजी जुटाने, वेंचर कैपिटल पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने और नवाचार-आधारित उद्यमिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। सरकार का मानना है कि इससे भारत के स्टार्टअप सफर के अगले चरण को रफ्तार मिलेगी।

2016 में शुरू की गई Startup India पहल के बाद देश में स्टार्टअप संस्कृति में व्यापक विस्तार हुआ है। उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) के अनुसार, मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स की संख्या 500 से बढ़कर 2 लाख से अधिक हो चुकी है।

फंड ऑफ फंड्स 1.0 की सफलता पर आगे बढ़ता कदम

नया फंड, 2016 में शुरू किए गए ‘फंड ऑफ फंड्स 1.0’ की सफलता को आगे बढ़ाएगा। पहले चरण में 10,000 करोड़ रुपये 145 वैकल्पिक निवेश फंडों (AIF) को आवंटित किए गए थे। इन फंडों के माध्यम से कृषि, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स, क्लीन टेक, फिनटेक, स्वास्थ्य, विनिर्माण और अंतरिक्ष तकनीक जैसे क्षेत्रों के 1,370 से अधिक स्टार्टअप्स में 25,500 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया गया।

फंड ऑफ फंड्स 2.0 की खास प्राथमिकताएं

स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0 खास तौर पर निम्न क्षेत्रों पर केंद्रित होगा:

डीप टेक और तकनीक-आधारित विनिर्माण: उच्च तकनीकी क्षेत्रों को दीर्घकालिक पूंजी सहायता।

प्रारंभिक चरण के स्टार्टअप्स: शुरुआती विफलताओं को रोकने के लिए वित्तीय सुरक्षा।

राष्ट्रीय पहुंच: महानगरों से बाहर भी निवेश को बढ़ावा।

उच्च जोखिम पूंजी अंतर को भरना: आत्मनिर्भर भारत के लिए प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में निवेश।

घरेलू वेंचर कैपिटल को सशक्त बनाना: विशेष रूप से छोटे फंडों को प्रोत्साहन।

विकसित भारत @2047 की दिशा में कदम

सरकार का मानना है कि यह फंड भारत की विनिर्माण क्षमता बढ़ाने, उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार सृजित करने और देश को वैश्विक नवाचार केंद्र के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाएगा।

‘विकसित भारत @2047’ के राष्ट्रीय विजन के अनुरूप यह पहल उद्यमियों को सशक्त बनाने और स्टार्टअप इकोसिस्टम की पूरी क्षमता को उजागर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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