मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज जनता दल यूनाइटेड (जदयू) की राज्य कार्यकारिणी बैठक में भाग लिया। यह बैठक प्रदेश जदयू कार्यालय के कर्पूरी सभागार में आयोजित की गई। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा, “मैं आप सभी का अभिनंदन करता हूं और प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा को इस आयोजन के लिए बधाई देता हूं। 2005 से अब तक हमने बिहार के विकास के लिए निरंतर प्रयास किए हैं।” उन्होंने बिहार की पूर्व स्थिति को याद करते हुए कहा, “बिहार की स्थिति पहले दयनीय थी। हमारी सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और पुलों के विकास के लिए ठोस कदम उठाए।” मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने अल्पसंख्यक समुदाय के लिए भी कई योजनाएं बनाई हैं, जिनमें कब्रिस्तानों की घेराबंदी और 60 वर्ष पुराने मंदिरों की चाहरदीवारी का काम शामिल है।
महिलाओं के विकास पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, “हमने पंचायती राज संस्थाओं और नगर निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया है।” मुख्यमंत्री ने 2006 में ‘जीविका’ कार्यक्रम की शुरुआत का भी जिक्र किया, जिससे स्वयं सहायता समूहों की संख्या 10 लाख 61 हजार हो गई है।मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से विशेष आर्थिक सहयोग की मांग की और कहा, “हमें उम्मीद है कि केंद्र सरकार बिहार के विकास में आगे भी मदद करेगी।” उन्होंने 2025 विधानसभा चुनाव के लिए एनडीए की मजबूत स्थिति की उम्मीद जताई।इस बैठक में जदयू के कई वरिष्ठ नेता और मंत्री उपस्थित थे, जिन्होंने बिहार के विकास कार्यों पर चर्चा की।