NEWS PR डेस्क: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने समृद्धि यात्रा के दौरान भागलपुर जिले में चल रही विकासात्मक एवं कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की। जगदीशपुर प्रखंड के बैजानी पंचायत में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं के समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने प्रगति यात्रा से संबंधित योजनाओं, सात निश्चय-2 और सात निश्चय-3 के तहत चल रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुतीकरण के माध्यम से दी। मुख्यमंत्री ने इन योजनाओं की प्रगति पर संतोष जताते हुए कहा कि जिन योजनाओं को स्वीकृति दी गई है, उन्हें तेजी से जमीन पर उतारा जाए।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि सात निश्चय-2 के तहत चल रही योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, वहीं सात निश्चय-3 के तहत निर्धारित योजनाओं पर भी तेजी से काम शुरू किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य बिहार को देश के सबसे विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल करना है और इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य करने की जरूरत है।
उन्होंने सात निश्चय-3 के “सबका सम्मान-जीवन आसान” (Ease of Living) पहल का उल्लेख करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य आम लोगों के दैनिक जीवन की कठिनाइयों को कम करना है। सरकार लगातार इस दिशा में काम कर रही है ताकि नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
रोजगार के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य सरकार अगले पांच वर्षों में 1 करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार देने के लक्ष्य पर काम कर रही है। इसके लिए उद्योगों को बढ़ावा देने, उद्यमियों को प्रोत्साहन देने और स्टार्टअप नीति के माध्यम से युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सभी जिलों में उद्योग स्थापित करने के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं और विशेष आर्थिक पैकेज के जरिए निवेश को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक रोजगार के अवसर पैदा किए जा सकें।
इस समीक्षा बैठक में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, मंत्री विजय कुमार चौधरी, डॉ. दिलीप जायसवाल समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने अंत में अधिकारियों से अपील की कि वे योजनाओं के क्रियान्वयन में पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करें, ताकि बिहार विकास के नए आयाम स्थापित कर सके।