नई रेल पटरी में दरार से मचा हड़कंप, इंटरसिटी एक्सप्रेस सुरक्षित; बिहार में टला बड़ा हादसा

Neha Nanhe

NEWS PR डेस्क : बेतिया के कुमार बाग रेलखंड पर ट्रैक में आई दरार के कारण एक बड़ा रेल हादसा टल गया। तकनीकी खराबी की वजह से इंटरसिटी एक्सप्रेस करीब दो घंटे तक रुकी रही। गौरतलब है कि रेल लाइन के दोहरीकरण के महज 10 दिन बाद ही यह खामी सामने आ गई, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।

बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया में शनिवार को एक संभावित बड़ा रेल हादसा टल गया। Indian Railways के तहत संचालित बगहा–पाटलिपुत्र इंटरसिटी एक्सप्रेस कुमार बाग रेलखंड पर दुर्घटना का शिकार होते-होते बची। घटना के बाद कुछ समय के लिए यात्रियों में घबराहट का माहौल रहा, लेकिन समय रहते ट्रेन रोक ली गई और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

जानकारी के मुताबिक, कुमार बाग रेलखंड पर हाल ही में 9 किलोमीटर लंबे ट्रैक का दोहरीकरण कार्य पूरा हुआ था। इस खंड का सीआरएस (कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी) निरीक्षण 18 फरवरी को किया गया था, जिसके बाद यहां ट्रेनों को 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलाने की अनुमति मिली थी। हालांकि निरीक्षण के महज 10 दिनों के भीतर ट्रैक में फैक्चर मिलने से निर्माण गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।

घटना उस समय हुई जब इंटरसिटी एक्सप्रेस कुमार बाग स्टेशन के पास पहुंच रही थी। अचानक ट्रैक में दरार की सूचना मिलते ही एहतियातन ट्रेन को रोक दिया गया। करीब दो घंटे तक ट्रेन स्टेशन के समीप खड़ी रही। इस दौरान रेलवे कर्मियों ने यात्रियों को सुरक्षित रखा और स्थिति पर नियंत्रण बनाए रखा।

सूचना मिलते ही रेलवे के अधिकारी और इंजीनियर मौके पर पहुंचे। तकनीकी टीम ने ट्रैक की गहन जांच कर क्षतिग्रस्त हिस्से की त्वरित मरम्मत की। मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद ट्रेन को सावधानीपूर्वक आगे के लिए रवाना किया गया। अन्य ट्रेनों का संचालन प्रभावित न हो, इसके लिए उन्हें वैकल्पिक लाइन से गुजारा गया।

स्थानीय लोगों ने दोहरीकरण कार्य के तुरंत बाद ट्रैक में दरार आने को गंभीर लापरवाही बताया है। विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रैक फैक्चर तापमान में बदलाव, निर्माण संबंधी तकनीकी खामी या निम्न गुणवत्ता की सामग्री के कारण हो सकता है। वास्तविक वजह का खुलासा जांच रिपोर्ट आने के बाद ही होगा।

रेलवे प्रशासन ने मामले की उच्चस्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं। प्रारंभिक स्तर पर निर्माण प्रक्रिया और ट्रैक की निगरानी व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी एजेंसी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।

हालांकि सतर्कता और त्वरित कदमों से बड़ा हादसा टल गया, लेकिन इस घटना ने रेल सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। फिलहाल स्थिति सामान्य है और रेल परिचालन सुचारु रूप से जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।

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