NEWS PR डेस्क : बिहार विधानसभा के बजट सत्र का 15वां दिन राजनीतिक सरगर्मियों के बीच शुरू होने जा रहा है। विपक्ष ने साफ संकेत दिए हैं कि वह कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ेगा। हाल के दिनों में लॉ एंड ऑर्डर को लेकर सदन में लगातार तल्ख बहस देखने को मिली है और सोमवार को भी यह मुद्दा केंद्र में रहने की संभावना है। प्रश्नकाल के दौरान विभिन्न विभागों से जुड़े सवालों के जरिए सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति तैयार की गई है।
सदन में कृषि, स्वास्थ्य, उद्योग और योजना एवं विकास विभाग से संबंधित कई ध्यानाकर्षण सूचनाओं पर चर्चा होगी। देवेश कांत सिंह, मंजीक कुमार समेत अन्य विधायकों द्वारा उठाए गए कृषि संबंधी मुद्दों पर विभाग जवाब देगा। वहीं प्रमोद कुमार, सचीन्द्र प्रसाद सिंह और अन्य सदस्यों की ओर से उठाए गए प्रश्नों पर योजना एवं विकास विभाग अपना पक्ष रखेगा।
स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को लेकर भी विपक्ष सरकार से जवाब मांगेगा। उपेन्द्र प्रसाद, विनय कुमार चौधरी और अन्य विधायकों द्वारा दी गई ध्यानाकर्षण सूचनाओं पर स्वास्थ्य विभाग स्पष्टीकरण देगा। उद्योग क्षेत्र से जुड़े विषयों पर महेश्वर हजारी, सचीन्द्र प्रसाद सिंह और अन्य सदस्यों के सवालों का जवाब उद्योग विभाग की ओर से प्रस्तुत किया जाएगा। इन सभी मुद्दों पर विपक्ष राज्य में बुनियादी ढांचे, निवेश, योजनाओं के क्रियान्वयन और स्वास्थ्य व्यवस्था की वास्तविक स्थिति पर सरकार को कटघरे में खड़ा करने की तैयारी में है।
दिन के दूसरे हिस्से में वित्तीय कार्यवाही प्रमुख रहेगी। वित्त विभाग के प्रभारी मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव बिहार विनियोग विधेयक 2026 सदन में पेश करेंगे। इस विधेयक के पारित होने के बाद विभिन्न विभागों के लिए निर्धारित बजटीय प्रावधानों को औपचारिक स्वीकृति मिल जाएगी।
उधर, बिहार विधान परिषद में भी अहम कार्यसूची निर्धारित है। सरकारी आश्वासन समिति के अध्यक्ष प्रो. वीरेन्द्र नारायण यादव 28वां प्रतिवेदन सदन पटल पर रखेंगे। नवादा जिले स्थित जयप्रकाश नारायण आश्रम को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की मांग परिषद में उठेगी। इसके साथ ही गया के विष्णुपद मंदिर से बोधगया तक फल्गु नदी किनारे सड़क निर्माण का प्रस्ताव और जहानाबाद के दरघा-यमुना संगम क्षेत्र में क्षतिग्रस्त पुल के पुनर्निर्माण का मुद्दा भी चर्चा में रहेगा।
परिषद की दूसरी पाली में गृह, कृषि, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण, श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण, युवा रोजगार एवं कौशल विकास तथा सूचना प्रावैधिकी विभागों के बजट पर विस्तार से बहस होगी। विपक्ष बजट के क्रियान्वयन और प्रभावशीलता पर सवाल उठाएगा, जबकि सरकार अपनी योजनाओं और उपलब्धियों का पक्ष रखेगी।
इस तरह बजट सत्र का 15वां दिन कानून-व्यवस्था से लेकर विकास और वित्तीय प्रावधानों तक कई अहम मुद्दों पर सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक बहस का गवाह बन सकता है।