NEWS PR डेस्क: पटना: शोर प्रदूषण और अवैध डीजे वाहनों के मुद्दे पर गुरुवार को विधान परिषद में तीखी चर्चा हुई। परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने सदन में स्पष्ट किया कि बिना अनुमति डीजे चलाने वालों के खिलाफ अगले 15 दिनों के भीतर राज्यव्यापी अभियान शुरू किया जाएगा।
मंत्री ने कहा कि कई वाहन मालिक साधारण गाड़ियों को अनधिकृत रूप से डीजे वाहन में परिवर्तित कर रहे हैं। ऐसी गाड़ियों की जांच कर उन्हें जब्त किया जाएगा। साथ ही ध्वनि प्रदूषण के निर्धारित मानकों का सख्ती से पालन कराया जाएगा।
तारांकित प्रश्न से गरमाया मुद्दा
यह मामला निर्दलीय सदस्य वंशीधर व्रजवासी के तारांकित प्रश्न के दौरान उठा। उन्होंने कहा कि शादी-विवाह और जुलूसों में अत्यधिक ध्वनि से स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। तेज आवाज के कारण हृदय रोगियों को खतरा बढ़ता है और कई स्थानों पर विवाद भी उत्पन्न हो जाते हैं।
सदन के अन्य सदस्यों ने भी बिना नंबर प्लेट और बिना लाइसेंस संचालित डीजे वाहनों पर रोक लगाने की मांग का समर्थन किया।
लाइसेंस और साउंड लिमिट होगी अनिवार्य
परिवहन विभाग जल्द ही इस संबंध में औपचारिक निर्देश जारी करेगा। इसके तहत डीजे संचालन के लिए लाइसेंस अनिवार्य होगा और साउंड लिमिट का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। मंत्री ने स्पष्ट किया कि नियम लागू होने के बाद किसी प्रकार की सिफारिश या दबाव स्वीकार नहीं किया जाएगा।
कानून-व्यवस्था पर भी नजर
सदन में यह भी उल्लेख किया गया कि डीजे के दौरान कई बार अशोभनीय गीतों और हर्ष फायरिंग जैसी घटनाओं से कानून-व्यवस्था प्रभावित होती है। सरकार ने संकेत दिया है कि ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सरकार का मानना है कि उत्सवों की आड़ में आम लोगों की शांति और स्वास्थ्य से समझौता नहीं किया जा सकता। आने वाले दिनों में प्रशासनिक स्तर पर विशेष अभियान चलाकर अवैध डीजे संस्कृति पर प्रभावी नियंत्रण की तैयारी की जा रही है।