NEWS PR डेस्क : नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से पहले बिहार के हजारों सरकारी स्कूलों में बच्चों को सीखने का नया अनुभव मिलने वाला है। प्राथमिक शिक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से शिक्षा विभाग ने 3500 प्राथमिक स्कूलों को फाउंडेशनल लिट्रेसी एंड न्यूमेरिक (FLN) किट उपलब्ध कराने का बड़ा कदम उठाया है।
फरवरी के अंत तक इन किटों को स्कूलों तक पहुंचाने की तैयारी है। इसका सीधा फायदा कक्षा एक से तीन के करीब तीन लाख बच्चों को मिलेगा। इन किटों के जरिए बच्चों की बुनियादी पढ़ने-लिखने और गणना की क्षमता को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
शिक्षा विभाग का मानना है कि शुरुआती कक्षाओं में पढ़ाई को रोचक बनाना बच्चों की सीखने की गति बढ़ा देता है। इसी सोच के तहत FLN किट में ऐसी गतिविधियाँ शामिल हैं, जो बच्चों को किताबों के बोझ से दूर रखते हुए गतिविधि आधारित शिक्षा की ओर ले जाएंगी। कक्षा एक से तीन के बच्चों को व्यक्तिगत रूप से किट दी जाएगी, ताकि वे स्कूल और घर दोनों जगह अभ्यास कर सकें।
FLN किट का उद्देश्य केवल पाठ्यक्रम पूरा करना नहीं है। इसमें रंग, ड्राइंग और प्रोजेक्ट आधारित सामग्री शामिल है, जिससे बच्चों की रचनात्मकता और आत्मविश्वास दोनों बढ़ें। स्कूलों को दी गई किट का सही उपयोग सुनिश्चित करना प्रधानाध्यापकों की जिम्मेदारी होगी। पढ़ाई के बाद किट को सुरक्षित रखना भी उनकी जिम्मेदारी में शामिल है। कक्षा चार और पांच के बच्चों को स्कूल FLN किट के माध्यम से पढ़ाना अनिवार्य किया गया है।
शिक्षा विभाग का यह प्रयास बिहार में प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में अहम माना जा रहा है। अगर योजना सही ढंग से लागू होती है, तो आने वाले वर्षों में बच्चों की पढ़ने, लिखने और गणना करने की क्षमता में महत्वपूर्ण सुधार देखने को मिल सकता है।