किसानों ने उचित मुआवजा के लिए 137 वां दिन अनिश्चितकालीन धरना रखा जारी

Patna Desk

कैमूर,उचित मुआवजा की मांग को लेकर किसानों ने वृहस्पतिवार को अनिश्चितकालीन धरना जारी रखा। भारत माला परियोजना बनारस रांची टु कोलकाता एक्सप्रेस-वे निर्माण कार्य के लिए एनएचएआई से अधिकृत पीएनसी इंफ्राटेक लिमिटेड कंपनी के बेस कैंप स्थल मसोई पर किसानों ने लगातार 137 वां अनिश्चितकालीन धरना जारी रखा। धरना पर बैठे बसिनी गंगापुर चांद मसोई आदि गांवों के दर्जनों किसानों ने किसान एकता जिंदाबाद जय जवान जय किसान के नारे लगा रहे थे। किसानों ने कहा उचित मुआवजा नहीं तो एक्सप्रेस-वे नहीं होने देंगे निर्माण। भारत माला परियोजना एक्सप्रेस-वे निर्माण एवं एन एच 219 बाईपास एवं चौरी करण का निर्माण कार्य किसानों के जबरदस्त विरोध के चलते रूका हुआ है। धरना पर बैठे विमलेश पांडेय अध्यक्ष किसान संघर्ष मोर्चा कैमूर ने कहा मरते दम मुआवजा के लिए लडते रहेंगे। उन्होंने ने किसान आंदोलन की अनदेखी करने पर सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कैमूर जिले में भारत माला परियोजना एक्सप्रेस-वे का निर्माण नहीं होने दिया जाएगा। अध्यक्ष ने कहा भूमि अधिग्रहण में किसानों को बाजार मूल्य से चार गुना मुआवजा दिया जाए। उन्होंने ने कहा किसानों को अधिग्रहण की भूमि का 1 करोड़ 28 लाख रुपए मुआवजा दिया जाए। विमलेश पांडेय ने कहा सरकार समझ रही है किसान थक हार कर बैठ जाएगा। उन्होंने ने कहा कैमूर जिले के किसान एकजूट है सरकार से लड़ाई लड़ेंगे। धरना पर बैठे अनिल सिंह सचिव किसान संघर्ष मोर्चा ने कहा सरकार मुआवजा दुना करने पर भी नहीं मानेंगे। उन्होंने ने कहा भूमि अधिग्रहण कानून के आधार पर भूमि अधिग्रहण की बाजार मूल्य का निर्धारण कर चार गुणा मुआवजा दें।अनिल सिंह ने कहा किसानों की बहुत किमती एवं बहु फसली जमीन अधिग्रहण में जा रही है। भूमि अधिग्रहण के बाद बहुत से किसानों के सामने जीवनयापन की समस्या खड़ी हो जाएगी। उन्होंने ने सरकार से कहा कैमूर जिले में भारत माला परियोजना एक्सप्रेस-वे निर्माण के लिए अधिग्रहित भूमि का बाजार मूल्य सही निर्धारित कर चार गुणा मुआवजा दिया जाए। भारत माला परियोजना बनारस रांची टु कोलकाता एक्सप्रेस-वे निर्माण के लिए कैमूर जिले के कुल 93 मौजा की सैकड़ों किसानों की 17 सौ एकड़ से अधिक भूमि अधिग्रहण की गई है। वहीं एन एच 219 बाईपास एवं चौरी करण के लिए चांद प्रखण्ड में कुल सात गांवों की कई एकड़ भूमि अधिग्रहण की गई है।

अधिग्रहण की गई भूमि का मुआवजा 2013 सर्किल रेट पर दिया जा रहा है जो बाजार मूल्य से बहुत ही कम है। मुआवजा लेने से किसानों ने साफ इंकार कर दिया है। उचित मुआवजा को लेकर किसानों ने ढाई साल से लगातार आंदोलन कर रहे हैं। किसानों ने उचित मुआवजा की मांग को लेकर 137 दिन से पीएनसी कंपनी के बेस कैंप स्थल मसोई चैनपुर में धरना दे रहे हैं अनिश्चितकालीन धरना में प्रभात सिंह सोनु सिंह उमेश सिंह संतोष पाण्डेय अवधेश साह सत्रुघन सिंह छोटन राम धर्मेन्द्र यादव भोला सिंह संतोष साह उदयनाथ सिंह आदि दर्जनों किसान शामिल हुए।

Share This Article