NEWS PR डेस्क: गया/अतरी, 3 अप्रैल 2026: गया जिले के अतरी विधानसभा क्षेत्र के सरबहदा थाना अंतर्गत नैली गांव में शुक्रवार दोपहर भीषण आग लगने से भारी तबाही मच गई। देखते ही देखते गेहूं की तैयार फसल आग की चपेट में आ गई और करीब 300 बीघा खेत जलकर पूरी तरह राख हो गए। इस घटना से गांव के लगभग 200 परिवार प्रभावित हुए हैं और 40 से अधिक किसानों की पूरी फसल नष्ट हो गई है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग अचानक खेत के एक हिस्से से उठी और तेज हवा के कारण तेजी से फैलती चली गई। कुछ ही मिनटों में आग ने कई खेतों को अपनी चपेट में ले लिया। ग्रामीणों में अफरातफरी मच गई और लोग बाल्टी, पाइप व अन्य साधनों से आग बुझाने में जुट गए, लेकिन आग इतनी विकराल थी कि उस पर काबू पाना मुश्किल हो गया।
ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद फायर ब्रिगेड की टीम करीब दो घंटे देरी से पहुंची, जिससे नुकसान और बढ़ गया। जब तक दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, तब तक आग विकराल रूप ले चुकी थी। फिलहाल तीन दमकल गाड़ियां आग बुझाने में लगी हैं, जबकि गया और बोधगया से अतिरिक्त गाड़ियां बुलाई गई हैं।
इस अगलगी में राहुल कुमार, जितेंद्र कुमार, सत्येंद्र कुमार, पवन कुमार, विनीत सिंह समेत दर्जनों किसानों की खड़ी फसल जलकर नष्ट हो गई। किसानों का कहना है कि यह सिर्फ फसल नहीं, बल्कि उनकी सालभर की मेहनत और उम्मीदें थीं, जो कुछ ही घंटों में राख हो गईं।
पीड़ितों के अनुसार, करीब 300 बीघा में लगी गेहूं की फसल जलने से 50 से 60 लाख रुपये तक का नुकसान हुआ है। इस बड़ी तबाही ने गांव की आर्थिक स्थिति को गहरा झटका दिया है। यह इलाका पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के गांव महकार के पास स्थित है।
आग लगने के कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। स्थानीय स्तर पर लापरवाही या साजिश की आशंका जताई जा रही है, हालांकि प्रशासन ने इसकी पुष्टि नहीं की है। सरबहदा थाना अध्यक्ष ने बताया कि पुलिस मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रही है और आग के कारणों की जांच की जाएगी।
घटना के बाद गांव में मुआवजे की मांग तेज हो गई है। प्रभावित किसानों ने सरकार से तत्काल नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा देने की अपील की है। फिलहाल दमकल की टीमें आग पर काबू पाने में जुटी हैं, लेकिन इस घटना ने नैली गांव के सैकड़ों परिवारों को गहरे संकट में डाल दिया है।