NEWS PR डेस्क: गया, 4 अप्रैल। गया की फल्गु नदी इन दिनों अचानक सुर्खियों में है। रबर डैम से पानी छोड़े जाने के बाद नदी का मंजर पूरी तरह बदल गया है। शनिवार सुबह जैसे ही पानी का बहाव बढ़ा, नदी में बहकर आई मछलियों को पकड़ने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। बच्चे, युवा और बुजुर्ग- हर कोई जाल, टोकरी और हाथों से मछली पकड़ने में जुट गया। पूरे इलाके में मेले जैसा माहौल देखने को मिला।
स्थानीय लोगों के अनुसार, शुक्रवार देर रात जिला प्रशासन द्वारा रबर डैम की सफाई के लिए डाउनस्ट्रीम में पानी छोड़ा गया था। शनिवार सुबह इसका असर साफ दिखा, जब पानी के साथ बड़ी संख्या में मछलियां नीचे की ओर बहकर आईं। इसकी सूचना फैलते ही आसपास के इलाकों से लोग नदी की ओर दौड़ पड़े और देखते ही देखते नदी किनारे भारी भीड़ जमा हो गई।
फल्गु नदी, जो एक बरसाती नदी है, मानसून के दौरान डैम में जमा पानी पर ही निर्भर रहती है। सालभर इसी पानी का उपयोग पिंडदान और तर्पण जैसे धार्मिक कार्यों में होता है। लेकिन मार्च के बाद जलस्तर घटने के साथ ही नदी का पानी दूषित होने लगता है। घाटों पर जमा पूजा सामग्री और पिंड के अवशेषों से दुर्गंध की समस्या भी बढ़ जाती है, जिससे शहर की छवि पर असर पड़ता है।
इसी स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने डैम के बचे हुए पानी को डाउनस्ट्रीम में छोड़ने का निर्णय लिया, ताकि मानसून 2026 से पहले डैम और घाटों की व्यापक सफाई कराई जा सके। इस अभियान में जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन संयुक्त रूप से काम कर रहे हैं।
हालांकि, प्रशासन ने इस दौरान सख्त चेतावनी भी जारी की है। संगत घाट और ब्राह्मणी घाट समेत डाउनस्ट्रीम क्षेत्र में लोगों को नदी के तल में जाने से मना किया गया है, ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके।
इसके बावजूद लोगों की भीड़ लगातार नदी में उतर रही है। खासकर बच्चे तेज बहाव के बीच मछली पकड़ते नजर आ रहे हैं, जिससे हादसे की आशंका बनी हुई है।
प्रशासन के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती भीड़ को नियंत्रित करने और संभावित दुर्घटनाओं को रोकने की है।