एशियाई खेलों से पहले सरकार अलर्ट, मनसुख मांडविया ने तैयारियों का लिया जायजा

Amit Singh

NEWS PR डेस्क: Asian Games की तैयारियों को लेकर केंद्र सरकार ने अपनी रणनीति तेज कर दी है। केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री Mansukh Mandaviya ने गुरुवार को भारतीय खेल प्राधिकरण (एसएआई) मुख्यालय में एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए भारत की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की।

बैठक में युवा मामले एवं खेल मंत्रालय, एसएआई और अन्य संबंधित संस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया और खेलों से पहले खिलाड़ियों की तैयारियों, प्रशिक्षण, लॉजिस्टिक्स और अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी दी। सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि भारतीय खिलाड़ी महाद्वीपीय स्तर के इस बड़े आयोजन में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकें।

बैठक के दौरान डॉ. मांडविया ने कहा कि सरकार खिलाड़ियों को हर स्तर पर समर्थन देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण, खेल विज्ञान, किट, भोजन, चिकित्सा सुविधाओं और यात्रा से जुड़ी हर व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा ताकि खिलाड़ियों को तैयारी के दौरान किसी प्रकार की कठिनाई न हो।

एशियाई खेल 2026 के लिए गठित 15 सदस्यीय समिति तैयारियों की निगरानी कर रही है। इस समिति में खेल मंत्रालय के सचिव हरि रंजन राव, भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष P. T. Usha, एशियाई खेलों के मिशन प्रमुख सहदेव यादव और मिशन उप प्रमुख Sharath Kamal समेत कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। समिति दिसंबर 2025 से अब तक चार बैठकें कर चुकी है और भारत के अभियान के लिए रणनीतिक रोडमैप तैयार कर रही है।

अधिकारियों के अनुसार, 2026 एशियाई खेलों में भारत के 40 से अधिक खेलों में 700 से ज्यादा एथलीटों के भाग लेने की संभावना है। देश का लक्ष्य 2022 Asian Games में हासिल किए गए 106 पदकों के ऐतिहासिक रिकॉर्ड को पार करना है।

बैठक में यह भी बताया गया कि आइची-नागोया खेलों में प्रतियोगिताएं कई प्रान्तों में आयोजित होंगी, जिसके कारण खिलाड़ियों के आवागमन, चिकित्सा सहायता और अन्य सुविधाओं के लिए विशेष लॉजिस्टिक योजना तैयार की जा रही है। आयोजन स्थल आइची, गिफू, शिज़ुओका और एयरपोर्ट-एक्सपो क्षेत्र जैसे विभिन्न क्लस्टरों में फैले होंगे।

खिलाड़ियों को वहां की रहने की व्यवस्था के अनुरूप ढालने के लिए पटियाला और बेंगलुरु स्थित एसएआई केंद्रों में विशेष अस्थायी कंटेनर इकाइयां भी स्थापित की जाएंगी। इससे खिलाड़ी खेलों के दौरान होने वाली कंटेनर-शैली की आवास व्यवस्था के लिए पहले से तैयार हो सकेंगे।

अधिकारियों ने बताया कि टीमों का चयन समय से पहले कर लिया जाएगा ताकि खिलाड़ियों को बेहतर तैयारी का समय मिल सके। साथ ही चिकित्सा और सहायक स्टाफ की क्षमता बढ़ाने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।

बैठक में यह भी बताया गया कि जनवरी में भारतीय ओलंपिक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने जापान में चार दिनों का दौरा कर प्रतियोगिता स्थलों, खिलाड़ियों की सुविधाओं और लॉजिस्टिक्स व्यवस्था का निरीक्षण किया था। उस रिपोर्ट के आधार पर अब क्लस्टर-वार योजना लागू की जा रही है, जिससे खिलाड़ियों को सभी जरूरी सुविधाएं समय पर मिल सकें।

तैयारियों की अगली समीक्षा बैठक 20 मार्च को प्रस्तावित है, जिसमें दल के आकार, यात्रा व्यवस्था, लॉजिस्टिक्स और संचालन से जुड़ी अंतिम रणनीति पर चर्चा की जाएगी।

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