बिहार में लापरवाह अफसरों पर सरकार सख्त, समय पर काम नहीं करने वालों पर होगी कार्रवाई

Amit Singh

NEWS PR डेस्क: पटना, 18 मई। बिहार सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था में जवाबदेही तय करने की दिशा में सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश के बाद अब जनता से जुड़े मामलों में देरी करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में मुजफ्फरपुर जिले के कुढनी अंचल के राजस्व अधिकारी धर्मेंद्र कुमार को काम में लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया गया है।

भूमि सुधार एवं राजस्व मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि सरकार अब किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी। विभाग को लगातार भ्रष्टाचार, फाइलों के लंबित रहने और काम में देरी की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद सख्ती बढ़ाई गई है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई सिर्फ शुरुआत है और आने वाले दिनों में अन्य लापरवाह अधिकारियों पर भी कार्रवाई हो सकती है।

सरकार के मुताबिक पिछले तीन महीनों की हड़ताल के कारण भूमि और राजस्व विभाग से जुड़े कई मामले लंबित हो गए हैं। अब अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिया गया है कि वे तेजी से लंबित मामलों का निपटारा करें। मंत्री ने कहा कि जब सरकार और मंत्री स्तर पर पारदर्शिता के साथ काम हो रहा है, तो अधिकारियों को भी अपनी जिम्मेदारियों का समय पर निर्वहन करना होगा।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 11 मई को ही साफ कर दिया था कि जनता से संबंधित किसी भी फाइल का निपटारा 30 दिनों के भीतर करना अनिवार्य होगा। तय समय सीमा के बाद भी फाइल लंबित रहने पर संबंधित अधिकारी को निलंबन जैसी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

जनता की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए सरकार ने सहयोग पोर्टल और हेल्पलाइन नंबर 1100 भी शुरू किया है। सरकार का उद्देश्य है कि आम लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें और उनकी समस्याओं का समय पर समाधान हो।

अधिकारियों को 10वें, 20वें और 25वें दिन नोटिस जारी किए जाएंगे। यदि तय समय सीमा तक कार्रवाई नहीं हुई तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। सरकार का कहना है कि फाइलों को लंबे समय तक रोकने की पुरानी व्यवस्था अब खत्म की जाएगी।

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