NEWS PR डेस्क : बिहार विधान मंडल के बजट सत्र के पहले दिन राज्यपाल ने अपना अभिभाषण प्रस्तुत किया, जिसमें उन्होंने विधानसभा चुनाव के दौरान एनडीए सरकार द्वारा किए गए प्रमुख वादों का जिक्र किया।
बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने सोमवार को कहा कि बिहार की जनता ने जो विश्वास हम पर जताया है, वह सिर्फ राजनीतिक प्रतिनिधित्व तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सुशासन, विकास, सामाजिक न्याय और जवाबदेही से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने आगे बताया कि इस सत्र में होने वाली चर्चा राज्य की अर्थव्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, कृषि, बुनियादी ढांचे और सामाजिक कल्याण जैसे अहम मुद्दों पर नई दिशा निर्धारित करने वाली होगी।
बजट सत्र सिर्फ एक औपचारिक संसदीय प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह जनता की उम्मीदों, राज्य की प्राथमिकताओं और भविष्य की दिशा को निर्धारित करने का एक अहम अवसर है। यह वह समय है जब हम अपनी विचारधारा, नीतियों और प्रतिबद्धताओं को जनहित की ठोस योजनाओं में बदलते हैं। राज्यपाल ने कहा कि अब तक बिहार सरकार ने 50 लाख युवाओं को नौकरी और रोजगार के अवसर प्रदान किए हैं, और आने वाले पांच वर्षों में इसे बढ़ाकर एक करोड़ तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
राज्यपाल ने यह भी बताया कि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता कानून-व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखना है, ताकि “न्याय के साथ विकास” का लक्ष्य पूरा किया जा सके। इसके तहत, पुलिस बल की संख्या बढ़ाकर 1.21 लाख कर दी गई है और राज्य में पुलिस थानों की संख्या 10,380 तक पहुंच चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार में महिला पुलिसकर्मियों का प्रतिशत देश में सबसे अधिक है।
महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर देते हुए राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि राज्य में ‘जीविका’ स्वयं सहायता समूहों से 1.40 करोड़ महिलाएं जुड़ी हुई हैं। इसके अलावा, मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत महिलाओं को स्वरोजगार के लिए 10 हजार करोड़ रुपये की सहायता दी गई है। योजना का सही उपयोग करने वाली महिलाओं को दो लाख रुपये तक की अतिरिक्त सहायता भी दी जाएगी।
राज्यपाल ने किसानों की आय में वृद्धि, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में सरकार की उपलब्धियों को भी उजागर किया। उन्होंने कहा कि राज्यभर में नए स्कूल, कॉलेज और अस्पताल खोले जा रहे हैं, ताकि लोगों को बेहतर सेवाएं मिल सकें। राज्यपाल ने यह भी बताया कि एनडीए ने 2025 के विधानसभा चुनावों में अपने घोषणा पत्र में एक करोड़ रोजगार का वादा किया था, और उसी वादे के आधार पर गठबंधन ने भारी बहुमत से जीत दर्ज की थी।