NEWS PR डेस्क: अंतर्राष्ट्रीय महिला किसान दिवस के अवसर पर दरभंगा जिले के गौड़ाबौराम प्रखंड अंतर्गत यमुना जीविका महिला संकुल संघ की कम्युनिटी फेसिलिटेटर (सीएफ) गुड़िया झा को उनके उत्कृष्ट सामाजिक एवं सामुदायिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
यह सम्मान कार्यक्रम नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट (नाबार्ड) द्वारा आयोजित किया गया, जिसमें कृषि क्षेत्र की उन्नति एवं ग्रामीण महिलाओं के समग्र विकास में उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिलाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दरभंगा के माननीय सांसद डॉ.गोपाल जी ठाकुर ने गुड़िया झा को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया।
अपने संबोधन में सांसद ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी से ही कृषि और सामाजिक विकास को नई दिशा मिल सकती है। उन्होंने गुड़िया झा के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने समुदाय के बीच रहकर जिस समर्पण, निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया है, वह अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि गुड़िया झा स्वास्थ्य एवं पोषण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूकता फैलाने में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। वे नियमित रूप से समूह बैठकों, जनसंवाद कार्यक्रमों तथा घर-घर संपर्क अभियान के माध्यम से महिलाओं को संतुलित आहार, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, एनीमिया नियंत्रण, टीकाकरण, स्वच्छता और पोषण संबंधी महत्वपूर्ण जानकारीयाँ प्रदान कर रही हैं। उनके प्रयासों से ग्रामीण परिवारों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ी है और बच्चों के पोषण स्तर में सकारात्मक बदलाव देखा गया है।
कार्यक्रम में नाबार्ड के पदाधिकारी, जीविका के प्रतिनिधि, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएँ उपस्थित रहीं। नाबार्ड अधिकारियों ने बताया कि महिला किसान दिवस जैसे आयोजनों का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को उनके योगदान के लिए पहचान दिलाना और उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है।
सम्मान प्राप्त करने के बाद गुड़िया झा ने कहा कि यह उपलब्धि केवल उनकी नहीं, बल्कि पूरे यमुना संकुल संघ और जीविका से जुड़ी सभी दीदियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि आगे भी वे कृषि विकास, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में निरंतर कार्य करती रहेंगी।
इस अवसर पर उपस्थित महिलाओं में उत्साह का माहौल देखा गया और सभी ने इसे ग्रामीण महिला शक्ति के सम्मान का प्रतीक बताया।