एम्स में हरीश राणा की पैसिव इच्छामृत्यु प्रक्रिया शुरू, परिवार के पास अंतिम पल बिताने का समय

Neha Nanhe

NEWS PR डेस्क : शनिवार को एम्स के डॉ. बीआर आंबेडकर इंस्टीट्यूट रोटरी कैंसर अस्पताल (आईआरसीएच) के पैलिएटिव केयर यूनिट में भर्ती हुए हरीश राणा की निष्क्रिय इच्छामृत्यु (पैसिव यूथेनेशिया) प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके तहत उनके शरीर से दो प्रमुख लाइफ सपोर्ट उपकरण – सांस लेने के लिए ट्रैकियोस्टॉमी ट्यूब और पोषण के लिए पीईजी फीडिंग ट्यूब – को हटाया गया।

गाजियाबाद की राजनगर एक्सटेंशन स्थित राज एम्पायर सोसायटी में हरीश के एम्स में भर्ती होने के बाद रविवार को उनकी चर्चा जोर पकड़ गई। कई लोग परिजनों से संपर्क करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन फोन नहीं उठाए गए। स्थानीय निवासी ब्रजराज सिंह ने बताया कि परिवार ने कई बार शांति और निजता की अपील की है, इसलिए लोग ज्यादा प्रयास नहीं कर रहे हैं। सोसायटी के वरिष्ठ सदस्य केशव कुमार को यह जिम्मा सौंपा गया है कि आवश्यकतानुसार परिवार से संपर्क स्थापित किया जाए।

अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टर उनकी स्थिति पर लगातार निगरानी रख रहे हैं और जीवनरक्षक उपकरणों को चरणबद्ध तरीके से हटाने की प्रक्रिया को दर्द-रहित और सम्मानजनक ढंग से आगे बढ़ा रहे हैं। एम्स ने इस मामले में कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है और सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करने की बात कही है। सूत्रों के अनुसार, हरीश की हालत गंभीर है, लेकिन चिकित्सकों की पूरी कोशिश है कि उन्हें तकलीफ न हो। अनुमान है कि प्रक्रिया के अगले एक-दो दिनों में हरीश इस पीड़ा से मुक्त हो सकते हैं।

बीते शनिवार गाजियाबाद से एंबुलेंस के जरिए हरीश को एम्स लाया गया। इस दौरान उनके पिता अशोक राणा और मां निर्मला देवी उनके साथ मौजूद थे। अस्पताल में उन्होंने अपने बेटे के साथ अंतिम पल बिताए। पैलिएटिव केयर टीम उनके आराम और सुविधाओं का विशेष ध्यान रख रही है। डॉक्टरों के अनुसार, इच्छामृत्यु प्रक्रिया पूरी होने में समय लगेगा, जो उनकी मौजूदा स्थिति पर निर्भर करेगा।

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