किसानों को क्षेत्रीय मौसम अपडेट देने के लिए IMD ने विकसित किया ‘भाषिणी’ और meteoGAN

Amit Singh

NEWS PR डेस्क: नई दिल्ली। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और मशीन लर्निंग (एमएल) तकनीकों का उपयोग करके मौसम पूर्वानुमान को और अधिक सटीक और क्षेत्रीय स्तर तक पहुँचाने में सक्रिय है। यह जानकारी पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में दी।

आईएमडी ने एआई/एमएल आधारित उन्नत डवोराक तकनीक (AiDT) के जरिए चक्रवातों की तीव्रता का अनुमान लगाने के साथ-साथ पंगू-वेदर, ग्राफकास्ट, फोरकास्टनेट जैसे डेटा-संचालित मॉडलों का इस्तेमाल प्रायोगिक मौसम पूर्वानुमानों के लिए करना शुरू कर दिया है। इससे न केवल चक्रवात और मानसून वर्षा के पथ की भविष्यवाणी बेहतर हुई है, बल्कि हाइपर-स्थानीय और ब्लॉक स्तर के पूर्वानुमान भी संभव हो गए हैं।

राष्ट्रीय मध्यम अवधि मौसम पूर्वानुमान केंद्र (एनसीएमआरडब्ल्यूएफ) अब अरुणिका सुपरकंप्यूटर पर वैश्विक एआई फाउंडेशन मॉडलों को एकीकृत कर रहा है। ये मॉडल संभावित चरम घटनाओं जैसे भारी वर्षा और तापलहर की जानकारी देने के लिए डाउनस्केलिंग तकनीक का उपयोग करते हैं।

किसानों को वास्तविक समय की मौसम जानकारी पहुंचाने के लिए आईएमडी ने “भाषिणी” नामक एआई/एमएल उपकरण विकसित किया है, जो क्षेत्रीय भाषाओं में अपडेट प्रदान करता है। इसके अलावा मेघदूत, मौसम मोबाइल ऐप्स, व्हाट्सएप, फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों के माध्यम से भी किसानों को कृषि-मौसम सलाह और स्थान-विशिष्ट पूर्वानुमान मिलते हैं।

आईएमडी ने पंचायत-स्तरीय मौसम पूर्वानुमान को ई-ग्रामस्वराज, मेरी पंचायत ऐप, ई-मांचित्र और मौसमग्राम जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्मों पर उपलब्ध कराया है। 300-मीटर स्थानिक संकल्प के साथ विकसित meteoGAN उपकरण क्षेत्र-विशिष्ट वर्षा जानकारी भी प्रदान करता है।

वर्तमान में लगभग 1.56 करोड़ किसान 21 राज्य सरकारों के आईटी प्लेटफॉर्मों के माध्यम से अंग्रेजी और क्षेत्रीय भाषाओं में मौसम और कृषि सलाह प्राप्त कर रहे हैं। यह पहल किसानों को बेहतर निर्णय लेने, उपज बढ़ाने और आय सुदृढ़ करने में मदद कर रही है।

आईएमडी और अन्य सरकारी संस्थानों के बीच सहयोग से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में भी मौसम-संवेदनशील जानकारी की पहुंच सुनिश्चित की जा रही है, जिससे कृषि क्षेत्र में डिजिटल और स्मार्ट बदलाव की राह आसान हो रही है।

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