NEWS PR डेस्क: पटना, 09 अप्रैल। बिहार में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं और ‘काल वैशाखी’ सिस्टम के सक्रिय होने से मौसम ने अचानक करवट ले ली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने राज्य के कई हिस्सों, खासकर उत्तर और पूर्वी बिहार के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के अनुसार, 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ ही वज्रपात और ओलावृष्टि की भी आशंका जताई गई है। लोगों को सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और उत्तर-पश्चिमी चक्रवाती सिस्टम के मिलन से यह स्थिति बनी है। इसके प्रभाव से तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है और पारा करीब 4 डिग्री तक नीचे आ सकता है। हालांकि 10 अप्रैल के बाद मौसम के धीरे-धीरे सामान्य होने की संभावना है।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी युक्त हवाओं के साथ एक चक्रवाती परिसंचरण बनने से वातावरण में अस्थिरता बढ़ी है। यही वजह है कि अचानक तेज हवा, बारिश और आंधी जैसी स्थितियां बन रही हैं।
राजधानी पटना में फिलहाल आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। भारी बारिश के आसार कम हैं, लेकिन हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। दिन के समय उमस बनी रह सकती है, हालांकि तापमान सामान्य से थोड़ा कम रहने की उम्मीद है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 2 से 3 दिनों में स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होगी। इसके बाद तापमान में फिर बढ़ोतरी शुरू होगी और पारा 35 से 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। अप्रैल के मध्य तक गर्मी एक बार फिर लोगों को परेशान करना शुरू करेगी।