NEWSPR डेस्क। सारण जिले के मसरख थाना से एक मामला स्कॉर्पियो चोरी से जुड़ा हुआ सामने आ रहा है जिसमें आरोप BJP कोटे के महाराजगंज से सांसद जनार्दन सिंह सीग्रीवाल के बेटे का नाम सामने आ रहा है वहीं आरोप लगाने वाले जदयू के नेता कामेश्वर सिंह बताए जा रहे हैं जिससे बिहार के सियासी गलियारे में हड़कंप मच गई है।
मामला बिहार के सारण जिले का है. यहां मशरक थाना की पुलिस ने जेडीयू नेता के घर से चोरी हुई स्कॉर्पियो को बीजेपी सांसद के बेटे के पास से बरामद किया. बिहार विधानसभा का चुनाव लड़ चुके जेडीयू नेता कामेश्वर सिंह ने पिछले महीने 22 अगस्त को सारण जिले के मशरक थाना में यह रिपोर्ट लिखवाई थी कि मशरक थाना क्षेत्र के गोपालवाड़ी गांव स्थित उनके आवास से 20 लाख से ज्यादा रुपये की कीमती स्क्रोपियो गाड़ी चोरी हो गई है. जिसका नंबर BR 04 PA 5356 है. पुलिस ने इस मामले में एफआईआर संख्या 440/21 दर्ज कर एसआई अरूण प्रकाश को केस का आईओ बनाया और जब जांच शुरू हुई तो पता चला कि बीजेपी सांसद के बेटे इस गाड़ी की सवारी कर रहे हैं.
पुलिस ने जब लोकेशन खंगाला तो पता चला कि बेंगलुरु शहर में जयनगर थाना क्षेत्र के राजाजी नगर में चोरी की गई यह स्कॉर्पियो है. जिस जेडीयू नेता कामेश्वर सिंह की स्कॉर्पियो चोरी हुई, यह गाड़ी उनके बेटे संजय सिंह के नाम पर है. जब गाड़ी के कर्नाटक में होने की सूचना मिली तो संजय सिंह भी खुद मशरक पुलिस के साथ वहां से गाड़ी लेने गए.
जब संजय सिंह मशरक की पुलिस को लेकर विजयनगर थाना क्षेत्र के राजाजी नगर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि चोरी की गई स्कॉर्पियो गाड़ी डॉ सचिन कुंद्रा के एजेन्सी में लावारिस हालत में पड़ी हुई है. पुलिस और संजय सिंह वहां से गाड़ी बरामद कर वापस छपरा लौट गए. गाड़ी अभी भी मशरक थाने में ही पड़ी हुई है. जिसे रिलीज करने की प्रक्रिया चल रही है.
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर जेडीयू नेता कामेश्वर सिंह से फोन पर बातचीत की. कामेश्वर सिंह ने बताया कि वह सीएम नीतीश की पार्टी जदयू में राजनीतिक सलाहकार के सदस्य हैं. इससे पहले वे जदयू में प्रदेश उपाध्यक्ष और महासचिव के रूप में भी काम कर चुके हैं.
इस पूरे प्रकरण को लेकर जब बीजेपी के सांसद जनार्दन सिंह सीग्रीवाल से बातचीत की गई तो उन्होंने इस आरोप को सिरे से ख़ारिज कर दिया. भाजपा सांसद ने कहा कि जिस जदयू नेता कामेश्वर सिंह ने यह आरोप लगाया है, वह फ्रॉड हैं और धोखेबाजी कर रहे हैं. उनके पास कोई सबूत नहीं है. अगर उनके पास कोई साक्ष्य है तो वे मीडिया या पुलिस को दिखाएं.
इस मामले को लेकर जिले में ये भी चर्चा है कि जेडीयू नेता ने विधानसभा चुनाव में टिकट लेने के लिए ये स्कॉर्पियो बीजेपी सांसद को गिफ्ट में दिया था. हालांकि इस बात से दोनों नेताओं ने साफ़ इनकार किया है.
इस आरोप को लेकर जब भाजपा सांसद से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि यह बेबुनियाद है. हां, ये सही है कि मेरा बेटा डॉक्टरी की पढाई कर रहा है. लेकिन मेरा बेटा बेंगलुरु में नहीं मैसूर में रहकर पीजी की पढ़ाई कर रहा है. जो आरोप कामेश्वर सिंह लगा रहे हैं, वो सब झूठ है. उनसे कागज मांगकर देख लीजिये. गाड़ी बरामदगी में किसी की गिरफ्तारी भी नहीं हुइ है।
सारण से मनोरंजन पाठक की रिपोर्ट…