भारत-नेपाल सीमा समन्वय बैठक में सुरक्षा और तस्करी रोकने पर जोर, कई अहम मुद्दों पर बनी सहमति

Amit Singh

NEWS PR डेस्क: मधुबनी, 20 मई। भारत-नेपाल जिला स्तरीय सीमा समन्वय समिति की बैठक बुधवार को सौहार्दपूर्ण वातावरण में आयोजित की गई। सौराठ स्थित मिथिला चित्रकला संस्थान के सभागार में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में दोनों देशों के अधिकारियों ने सीमा सुरक्षा, मानव तस्करी, शराब और मादक पदार्थों की तस्करी, फेक करेंसी तथा अपराध नियंत्रण जैसे कई अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की।

बैठक की संयुक्त अध्यक्षता मधुबनी के जिलाधिकारी Anand Sharma और नेपाल के सिरहा जिले के सीडीओ Surendra Poudel ने की। बैठक की शुरुआत भारत और नेपाल के राष्ट्रगान के साथ हुई।

बैठक में दोनों देशों के अधिकारियों ने सीमावर्ती क्षेत्रों में बढ़ती चुनौतियों पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया। विशेष रूप से नेपाल से भारत में जाली नोटों के प्रवेश, नशीले पदार्थों की तस्करी और शराबबंदी कानून को प्रभावी बनाने में आपसी सहयोग को लेकर चर्चा हुई। इसके अलावा बॉर्डर पिलर की मरम्मत, नो-मैन्स लैंड पर अतिक्रमण रोकने, अपराधियों की सूची और आपराधिक इतिहास साझा करने तथा समय पर सूचनाओं के आदान-प्रदान पर भी सहमति बनी।

जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने नेपाली प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि भारत-नेपाल संबंध पर्वतों, नदियों, सांस्कृतिक विरासत और पारस्परिक सम्मान पर आधारित हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच बेटी-रोटी का रिश्ता है और सीमावर्ती क्षेत्रों में आपसी प्रेम एवं सौहार्द बनाए रखना दोनों पक्षों की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि विभिन्न मुद्दों का समाधान हमेशा आपसी संवाद और समन्वय से निकाला गया है और आगे भी इसी भावना के साथ कार्य किया जाएगा।

नेपाल के सिरहा जिले के सीडीओ सुरेंद्र पौडेल ने भी बैठक को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इस तरह की समन्वय बैठकें दोनों देशों के बीच सहयोग को मजबूत करती हैं और सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में मददगार साबित होती हैं।

बैठक में Yogendra Kumar ने फेक करेंसी, नशीले पदार्थों की तस्करी और दोनों देशों के अपराधियों की सूची साझा करने जैसे मुद्दों पर विस्तार से अपनी बात रखी। अधिकारियों ने मानव तस्करी रोकने, अपराधियों की धरपकड़ और सीमावर्ती इलाकों में संयुक्त निगरानी बढ़ाने पर भी जोर दिया।

इस दौरान भारतीय और नेपाली प्रशासन, पुलिस, एसएसबी, आर्म्ड पुलिस फोर्स, कस्टम और खुफिया एजेंसियों के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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