उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल का बड़ा ऐलान, बिहार में एक भी एथनॉल प्लांट नहीं होगा बंद

Amit Singh

NEWS PR डेस्क विधान परिषद की कार्यवाही के दौरान गुरुवार को एथनॉल उद्योग से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। इस दौरान उद्योग मंत्री दिलीप जयसवाल ने कहा कि देश में सबसे अधिक अनाज आधारित एथनॉल प्लांट बिहार में स्थापित हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “जब एक बार प्लांट लग गया तो यह सरकार की जिम्मेदारी है। मैं आश्वस्त करता हूं कि सरकार एक भी प्लांट को बंद होने नहीं देगी। एथनॉल के बिक्री की व्यवस्था भी सरकार करेगी। एथनॉल का कोटा भी बढ़ाया जाएगा।”

मंत्री यह बयान विधान पार्षद सच्चिदानंद राय एवं दिनेश सिंह के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर सरकार का पक्ष रखते हुए दे रहे थे।

सदन में सदस्यों ने बताया कि वर्तमान में कई एथनॉल प्लांट केवल 50 प्रतिशत क्षमता पर उत्पादन कर रहे हैं, जबकि कुछ इकाइयां पूरी तरह बंद हो चुकी हैं। इसका सीधा असर किसानों पर पड़ा है। मक्के की कीमत 21-22 रुपये प्रति किलो से गिरकर 13-14 रुपये तक पहुंच गई है, जिससे किसान आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।

इस पर उद्योग मंत्री ने कहा कि एथनॉल प्लांट की समस्याओं को लेकर राज्य के उपमुख्यमंत्री, मुख्य सचिव समेत एक प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पूरी से मुलाकात कर चुका है। बैठक में बिहार की विशेष परिस्थितियों को देखते हुए एथनॉल कोटा बढ़ाने पर सहमति बनी है।

मंत्री ने जानकारी दी कि वर्तमान में बिहार में 11 डेडिकेटेड एथनॉल प्लांट हैं, जिनका केंद्र सरकार से समझौता है। इसके अलावा आठ अन्य एथनॉल प्लांट भी संचालित हो रहे हैं, जिनका फिलहाल केंद्र से कोई औपचारिक करार नहीं है।

उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार सभी एथनॉल प्लांटों को हर हाल में संचालित रखने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार की प्राथमिकता है कि उद्योग सुरक्षित रहे, किसानों को उचित मूल्य मिले और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले।

कुल मिलाकर सरकार का रुख स्पष्ट है कि एथनॉल उद्योग को किसी भी स्थिति में कमजोर नहीं पड़ने दिया जाएगा। राज्य सरकार इस सेक्टर को आर्थिक विकास और किसानों की आय से सीधे जुड़ा मानती है। इसी कारण उत्पादन बढ़ाने, बिक्री व्यवस्था मजबूत करने और केंद्र सरकार से समन्वय कर कोटा बढ़वाने जैसे कदम उठाए जा रहे हैं। सरकार की कोशिश है कि सभी प्लांट सुचारू रूप से चलते रहें और बिहार में एथनॉल उद्योग को एक मजबूत पहचान मिले।

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