बोधगया में अंतरराष्ट्रीय सनातन सम्मेलन: 40 देशों के श्रद्धालुओं ने लिया हिस्सा

बोधगया में गूंजी आस्था की वैश्विक ध्वनि—जहां संस्कृत मंत्रों से जुड़ा दुनिया का दिल

Rashmi Tiwari

गया जी स्थित पावन नगरी बोधगया में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सनातन विराट सम्मेलन, लक्ष्मी कृपा अनुष्ठान एवं सर्वबाधा निवारण महायज्ञ का तीसरा दिन भक्ति, साधना और सांस्कृतिक एकता के अद्भुत संगम का साक्षी बना। बोधगया में आयोजित इस भव्य आयोजन में 40 से अधिक देशों से आए विदेशी सनातनी श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। महायज्ञ में श्रद्धालुओं ने लक्ष्मी कृपा अनुष्ठान और सर्वबाधा निवारण यज्ञ में सहभागिता कर आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया।

यह महायज्ञ अंतरराष्ट्रीय जगतगुरु साईं लक्ष्मी मां जी के सानिध्य तथा अंतरराष्ट्रीय इनर पीस के अध्यक्ष और योग गुरु स्वामी संतोषानंद जी महाराज के मार्गदर्शन में संपन्न हो रहा है। आयोजन समिति के अनुसार, पिछले तीन दिनों में सवा करोड़ मंत्रों का सतत जाप कर विधिवत पूर्णाहुति दी गई।कार्यक्रम में काशी से आए दर्जनों विद्वानों की उपस्थिति में वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ सामूहिक रूप से यज्ञ संपन्न किया गया। विदेशी श्रद्धालुओं द्वारा संस्कृत श्लोकों का उच्चारण और वैदिक मंत्रों का पाठ इस आयोजन की विशेष आकर्षण रहा, जिसने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
विदेशी भक्तों के मंत्रोच्चार से गुंजायमान
बोधगया का शांत और पवित्र वातावरण देर रात तक विदेशी भक्तों के मंत्रोच्चार से गुंजायमान रहा, जिससे पूरा क्षेत्र आध्यात्मिक चेतना से आलोकित हो उठा।महायज्ञ के समापन अवसर पर अंतरराष्ट्रीय जगतगुरु साईं लक्ष्मी मां जी के दिव्य आशीर्वाद एवं दर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां उनका पारंपरिक रूप से भव्य स्वागत किया गया।यह आयोजन न केवल सनातन संस्कृति की वैश्विक स्वीकार्यता का प्रतीक बना, बल्कि पूर्व और पश्चिम के आध्यात्मिक संगम का भी एक अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करता है।
गया से आशिष कुमार की रिपोर्ट

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