NEWS PR डेस्क: ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की अमेरिका-इजराइल के संयुक्त हमलों में मौत की खबर के बाद बिहार की राजनीति में भी प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल (यूनाइटेड) और विपक्षी राष्ट्रीय जनता दल ने इस घटनाक्रम पर अलग-अलग अंदाज में चिंता जताई है।
जेडीयू के प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि पश्चिम एशिया में बढ़ती हिंसा मानवता के लिए गंभीर खतरा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस प्रकार हमले किए गए और उसके बाद ईरान की ओर से जवाबी कार्रवाई हुई, उससे हालात और अधिक विस्फोटक हो गए हैं। उनके अनुसार यह किसी पक्ष या विपक्ष का मुद्दा नहीं, बल्कि वैश्विक शांति और मानवता की रक्षा का प्रश्न है।
नीरज कुमार ने यह भी कहा कि मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने खास तौर पर खाड़ी देशों में काम कर रहे बिहार के प्रवासियों का जिक्र करते हुए कहा कि अबू धाबी समेत कई स्थानों पर बड़ी संख्या में राज्य के लोग रोजगार के लिए रहते हैं। ऐसे में क्षेत्रीय अस्थिरता का असर सीधे भारतीयों पर पड़ सकता है। उन्होंने विश्व समुदाय से शांति की दिशा में एकजुट प्रयास करने की अपील की।
वहीं आरजेडी सांसद मनोज झा ने केंद्र सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि विदेश नीति दलगत राजनीति से ऊपर होती है और ऐसे गंभीर अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर भारत का स्पष्ट रुख सामने आना चाहिए। मनोज झा ने इसे “मध्ययुगीन बर्बरता” करार देते हुए कहा कि तेजी से बदलती भू-राजनीतिक परिस्थितियों में भारत को अपनी ऐतिहासिक विरासत और शांति की परंपरा के अनुरूप कदम उठाना चाहिए।
ईरान से जुड़ी इस बड़ी घटना ने न केवल वैश्विक राजनीति को प्रभावित किया है, बल्कि देश के भीतर भी राजनीतिक बहस को जन्म दे दिया है। बिहार के नेताओं की प्रतिक्रियाओं से स्पष्ट है कि पश्चिम एशिया की स्थिति पर देश की नजरें टिकी हुई हैं, खासकर वहां रह रहे भारतीयों की सुरक्षा को लेकर।